AI Self Regulation: व्हाइट हाउस एआई समिट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और टेक कंपनियों के प्रमुखों ने एक समझौते पर साइन किए हैं। हालांकि, इसे कानूनी तौर पर मानना जरूरी नहीं होगा।

Donald Trump AI Policy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर अपनी नीति एक बार फिर स्पष्ट की है। उनका कहना है कि इस तकनीक पर जरूरत से ज्यादा सरकारी पाबंदियां लगाने से अमेरिका की तकनीकी प्रगति प्रभावित हो सकती है। ट्रंप ने AI कंपनियों से खुद अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और जिम्मेदारी के साथ तकनीक विकसित करने पर जोर दिया।

AI पर ज्यादा नियम लगाने के पक्ष में नहीं ट्रंप

व्हाइट हाउस में 29 सितंबर 2026 को आयोजित बैठक में ट्रंप ने कहा कि AI के विकास को रोकने के बजाय अमेरिका को इस क्षेत्र में अपनी बढ़त बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए। उनकी सरकार पहले भी ऐसी नीतियों पर जोर देती रही है, जिनमें AI नवाचार के लिए अनावश्यक सरकारी नियंत्रण से बचने की बात कही गई है।

व्हाइट हाउस पहुंचे टेक जगत के बड़े नाम

बैठक में AI और टेक्नोलॉजी जगत के कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए। इनमें एलन मस्क, मार्क जुकरबर्ग, गूगल के सुंदर पिचाई, एनवीडिया के जेन्सेन हुआंग, एंथ्रोपिक के डारियो एमोडेई, ओपनएआई के ग्रेग ब्रॉकमैन, माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नडेला और जेफ बेजोस समेत कई दिग्गज शामिल थे।

AI कंपनियां खुद करेंगी निगरानी

बैठक के दौरान ट्रंप और प्रमुख AI कंपनियों के प्रतिनिधियों ने एक स्वैच्छिक समझौते पर सहमति जताई। इसके तहत कंपनियां AI के विकास और सुरक्षा के लिए आंतरिक नियंत्रण, निगरानी और बाहरी समीक्षा जैसी व्यवस्थाओं पर काम करेंगी। समझौते में स्वतंत्र ऑडिट की व्यवस्था को भी शामिल किया गया है।

कानूनी तौर पर बाध्यकारी नहीं है समझौता

इस समझौते की खास बात यह है कि यह कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। ट्रंप ने इसे नैतिक रूप से बाध्यकारी बताते हुए कंपनियों के खुद निगरानी करने की बात कही। हालांकि, दस्तावेज में भविष्य में इन सुरक्षा उपायों को कानून या नियमों का हिस्सा बनाए जाने की संभावना खुली रखी गई है।

अमेरिका को AI रेस में आगे रखने पर जोर

ट्रंप का कहना है कि AI के क्षेत्र में अमेरिका को वैश्विक बढ़त बनाए रखनी होगी। उनका रुख ऐसे समय सामने आया है जब AI की तेज रफ्तार, सुरक्षा और सरकारी निगरानी को लेकर अमेरिका में बहस तेज है। वहीं, कुछ AI कंपनियों के प्रमुख पहले ही तकनीक के विकास की गति और सुरक्षा उपायों के बीच संतुलन पर चर्चा की मांग कर चुके हैं।