हरिद्वार में हंगामा करने वाले युवक किस राज्य और जिले के रहने वाले थे? स्थानीय लोगों ने आरोपियों पर बाजार और हर की पौड़ी पर क्या-क्या आरोप लगाए? वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की? स्थानीय पुजारी उज्ज्वल पंडित ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?

उत्तराखंड के पवित्र शहर हरिद्वार में उत्तर प्रदेश से आए चार युवकों ने शराब के नशे में जमकर हंगामा किया। पुलिस ने इन चारों को हिरासत में ले लिया है। घटना बुधवार शाम की है, जब मशहूर हर की पौड़ी घाट के पास इन युवकों ने उत्पात मचाया। उनकी हरकतों का वीडियो ऑनलाइन सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों में गुस्सा भड़क गया। पुलिस और स्थानीय लोगों के मुताबिक, चारों आरोपी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के खेकड़ा इलाके के रहने वाले हैं। इनकी पहचान राजीव, विपिन, कपिल शर्मा और विकास के रूप में हुई है। ये लोग यात्रा और धार्मिक सीजन के दौरान हरिद्वार पहुंचे थे। रिपोर्ट के अनुसार, इस समय शहर में भारी भीड़ थी।

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मुख्य बाजार में बदसलूकी

चश्मदीदों ने बताया कि शाम की गंगा आरती के तुरंत बाद ये युवक नशे में धुत होकर हरिद्वार के मुख्य बाजार में हंगामा करने लगे। स्थानीय लोगों का दावा है कि आरोपी जोर-जोर से चिल्ला रहे थे, भीड़ भरी गलियों में लड़खड़ाते हुए चल रहे थे और दुकानदारों व आने-जाने वालों को परेशान कर रहे थे।

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कहा जा रहा है कि कई महिलाओं को भी छेड़छाड़ का सामना करना पड़ा, क्योंकि युवक जानबूझकर लोगों को धक्का दे रहे थे और भद्दे कमेंट्स कर रहे थे। कुछ लोगों ने इस घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन पर बना लिया। ये क्लिप जल्द ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिससे लोगों में गुस्सा फैल गया। बाजार में मौजूद लोगों ने कहा कि स्थिति खतरनाक हो सकती थी क्योंकि उस समय इलाके में हजारों तीर्थयात्री और परिवार मौजूद थे।

हर की पौड़ी घाट पर हंगामा

बाजार में हंगामा करने के बाद, चारों युवक हर की पौड़ी घाट पर पहुंच गए। गवाहों ने बताया कि उन्होंने श्रद्धालुओं को जबरदस्ती किनारे धकेला और नशे में होने के बावजूद गंगा नदी में कूद गए। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नदी में नहाते समय भी वे अश्लील हरकतें करते रहे। घटना का वीडियो ऑनलाइन वायरल होने के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई। हर की पौड़ी चौकी के इंचार्ज संजीत कंडारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। चारों आरोपियों को नदी से बाहर निकालकर हिरासत में ले लिया गया।पूछताछ के दौरान पुलिस ने पुष्टि की कि चारों युवक बागपत जिले के रहने वाले थे और घटना के समय नशे में थे।

वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धार्मिक स्थल पर शांति भंग करने और सार्वजनिक उपद्रव करने के आरोप में पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की है। अधिकारियों ने बताया कि जुर्माना भरने और अपने किए पर माफी मांगने के बाद युवकों को छोड़ दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर पीक ट्रैवल सीजन के दौरान धार्मिक स्थलों पर पर्यटकों के उपद्रवी व्यवहार को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय पुजारी उज्ज्वल पंडित ने आरोपियों के व्यवहार की कड़ी आलोचना की और कहा कि ऐसी हरकतें हरिद्वार आने वाले भक्तों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने खुद उस ग्रुप का पीछा किया था और उनकी हरकतों के बारे में पुलिस को लगातार जानकारी देते रहे। उनके अनुसार, समय पर पुलिस की कार्रवाई ने किसी संभावित लड़ाई या बड़े उपद्रव को रोक दिया। उन्होंने उन लोगों को भी जवाब दिया जो कुछ घटनाओं को लेकर उत्तराखंड या हरिद्वार-ऋषिकेश के बहिष्कार की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय निवासी किसी भी राज्य के आगंतुकों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जो लोग धार्मिक स्थलों का अपमान करते हैं या शहर में अशांति फैलाते हैं, उनके खिलाफ हमेशा सख्त कार्रवाई की जाएगी।