E20 Fuel Controversy: E20 पेट्रोल को लेकर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने मैकेनिकों और वाहन मालिकों से बातचीत के बाद दावा किया कि E20 से गाड़ियों का माइलेज घट रहा है और मेंटेनेंस खर्च बढ़ रहा है।
Arvind Kejriwal E20: देश में E20 पेट्रोल को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की E20 नीति पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि इसके इस्तेमाल से कई वाहन मालिकों को तकनीकी समस्याओं, कम माइलेज और बढ़ते मरम्मत खर्च का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दिल्ली में कुछ वाहन मालिकों और कार मैकेनिकों से मुलाकात कर उनके अनुभव भी साझा किए।
मैकेनिकों और वाहन मालिकों ने बताए अपने अनुभव
शनिवार (11 जुलाई) को हुई इस मुलाकात का वीडियो अरविंद केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया। उन्होंने लोगों से वीडियो देखने की अपील करते हुए कहा कि जिन मैकेनिकों से उन्होंने बातचीत की, उनके अनुसार हाल के समय में E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने वाली कई गाड़ियां तकनीकी दिक्कतों के साथ वर्कशॉप पहुंच रही हैं।
वहीं कुछ वाहन मालिकों ने दावा किया कि पहले की तुलना में उनकी गाड़ियों का माइलेज कम हो गया है, जिससे ईंधन पर होने वाला खर्च बढ़ गया है। केजरीवाल का कहना है कि इन शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए क्योंकि इसका सीधा असर आम लोगों के मासिक बजट पर पड़ रहा है।
केंद्र सरकार पर साधा निशाना, E20 नीति की समीक्षा की मांग
वीडियो साझा करते हुए केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में उन्होंने ऐसी कई गाड़ियां देखीं, जिनके बारे में दावा किया गया कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद उनमें खराबी आई। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस और टीवी इंटरव्यू से जमीनी समस्याएं नहीं बदलेंगी और सरकार को लोगों पर E20 थोपना बंद करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पहले से महंगाई का सामना कर रहा मध्यम वर्ग अब वाहनों की बढ़ती मेंटेनेंस लागत और घटते माइलेज के कारण अतिरिक्त आर्थिक दबाव महसूस कर रहा है। उनके मुताबिक सरकार को इस नीति के प्रभाव का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए।
विशेषज्ञों और वाहन कंपनियों से व्यापक चर्चा की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी सरकारी नीति से आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है तो उसकी समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि E20 पेट्रोल को लेकर सरकार को वाहन निर्माता कंपनियों, ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों, मैकेनिकों और उपभोक्ताओं के साथ व्यापक चर्चा करनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन कर उचित निर्णय लिया जा सके।
हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उद्देश्य पेट्रोल पर निर्भरता कम करना, प्रदूषण घटाना और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। ऐसे में E20 पेट्रोल को लेकर जारी बहस के बीच इस विषय पर आगे भी राजनीतिक और तकनीकी चर्चा जारी रहने की संभावना है।


