₹4 लाख की सैलरी को ₹12 लाख में बदलने के लिए कर्मचारी ने कथित तौर पर क्या किया? Anmol Garg ने वायरल पोस्ट शेयर करते हुए इस पूरे मामले पर क्या प्रतिक्रिया दी? सोशल मीडिया पर लोगों ने पेस्लिप एडिट करने और सैलरी नेगोशिएशन को लेकर किस तरह की अलग-अलग राय दी?
एक कर्मचारी ने कथित तौर पर अपनी पेस्लिप में हेरफेर करके 4 लाख सालाना पैकेज को 12 लाख के ऑफर में बदल दिया। यह मामला एक इंस्टाग्राम पोस्ट के वायरल होने के बाद सामने आया। इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर अनमोल गर्ग ने एक अनजान शख्स के भेजे मैसेज का स्क्रीनशॉट पोस्ट किया, जिसके बाद हंगामा मच गया। मैसेज में उस शख्स ने बताया कि नौकरी बदलते समय बेहतर ऑफर पाने के लिए उसने अपनी पेस्लिप एडिट की और 4 लाख की सालाना सैलरी को 7 लाख रुपए दिखा दिया।

खूब शेयर हो रहे इस पोस्ट में दावा किया गया कि यह तरकीब उसके लिए काम कर गई। जब उसने रिक्रूटर को बताया कि उसे अपनी मौजूदा सैलरी पर 20% की बढ़ोतरी चाहिए, तो कंपनी ने उसे 8.5 लाख सालाना का ऑफर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने यह ऑफर लेटर अगली नौकरी के इंटरव्यू में दिखाया और आखिरकार 12 लाख सालाना का फाइनल पैकेज हासिल कर लिया।
पोस्ट में भेजे गए मैसेज में लिखा था, "भइया मैंने पेस्लिप एडिट करवाके 4 लाख की सैलरी को 7 बना दी... कंपनी को बोला 20% हाइक चाहिए तो जंप... उन्होंने 8.5 का ऑफर लेटर दिया... ये ऑफर लेटर दिखाके मैंने एक और कंपनी का इंटरव्यू क्रैक किया और फाइनली 12 का ऑफर आया है।"
अनमोल गर्ग ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, "भगवान सब देख रहा है," जिसका मतलब था कि यह काम गलत है और उन्होंने इस पर नैतिक सवाल उठाए।
देखिए वायरल वीडियो
हालांकि, इंटरनेट पर इस मुद्दे को लेकर लोग बंटे हुए नजर आए। कुछ यूजर्स ने इस कदम को बेईमानी और धोखाधड़ी बताया, तो वहीं दूसरों ने तर्क दिया कि कंपनियां खुद अक्सर कर्मचारियों को कम वेतन देती हैं और नौकरी देते समय पिछली सैलरी पर बहुत ज्यादा निर्भर रहती हैं।
सोशल मीडिया पर लोगों की राय
एक यूजर ने मज़ाक में कमेंट किया, "यह बहुत अनैतिक है! प्लीज़, एडिटर का नंबर दे दो 🙂"
एक अन्य यूजर ने सवाल उठाया कि पिछली सैलरी भविष्य की सैलरी क्यों तय करे। उसने लिखा, "मतलब कंपनी के पास उसी पद के लिए उतनी सैलरी देने की क्षमता थी। तो फिर सैलरी हिस्ट्री शोषण का कारण क्यों बननी चाहिए? इसलिए एचआर के लिए यह अनिवार्य होना चाहिए कि वे कभी भी सैलरी हिस्ट्री न पूछें और भर्ती प्रक्रिया के दौरान सैलरी बैंड का खुलासा करें।"
एक तीसरे यूजर ने कर्मचारी के काम का बचाव करते हुए कहा, "उसने इंटरव्यू पास किया और इन लोगों को लगा कि वह इतने पैसे के लायक है, इसलिए उन्होंने उसे ऑफर दिया? यह गलत कैसे है, जबकि इंडस्ट्री खुद ही फेयर नहीं है?"
कुछ यूजर्स ने इसके लिए कॉर्पोरेट कल्चर को ही जिम्मेदार ठहराया। एक कमेंट में लिखा था, "प्राइवेट कंपनियों के लिए कुछ भी गलत नहीं है... जिस तरह का प्रेशर वे सैलरी के बदले देते हैं।"
कई यूजर्स ने तो इस कदम की तारीफ भी की। एक कमेंट करने वाले ने लिखा, "यह आदमी तो लेजेंड है"
