Lawrence Bishnoi Gang :दिल्ली पुलिस की रोहिणी डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के तीन शूटरों को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक, ये शूटर विदेश से मिल रहे इशारों पर एक टारगेट किलिंग को अंजाम देने की तैयारी में थे।
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की रोहिणी डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े तीन शूटरों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने रविवार को बताया कि ये तीनों एक टारगेट किलिंग की साजिश रच रहे थे। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इन शूटरों को विदेश में बैठे एक नेटवर्क से जानकारी मिल रही थी. इसी के आधार पर वे इस वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे. पुलिस ने यह भी बताया कि पकड़े गए आरोपी दिल्ली में कई आपराधिक मामलों में वॉन्टेड थे और पहले भी टारगेटेड शूटिंग कर चुके हैं।
हिसार के रहने वाले हैं शूटर
यह गिरफ्तारी पिछले हफ्ते हुई एक घटना के बाद हुई है, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई-हरिराम (हैरी) बॉक्सर गैंग से जुड़े दो शूटर हरियाणा के बहादुरगढ़ में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के साथ मिलकर शनिवार को बहादुरगढ़ के बालोर के पास दो वॉन्टेड अपराधियों, प्रवेश और हिमांशु को घेर लिया था। दोनों हिसार के रहने वाले थे और उन पर 1-1 लाख रुपये का इनाम था. इन पर 11 जून को हांसी में एक जिम ट्रेनर कपिल की हत्या का आरोप था, जिसका वीडियो CCTV में भी कैद हुआ था।
अमेरिका और कनाडा में इनकी दहशत
इन गिरफ्तारियों से लॉरेंस बिश्नोई के ऑर्गेनाइज्ड क्राइम नेटवर्क और उसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों पर जांच और तेज हो गई है। हाल ही में, अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ की जानकारी देने पर 50,000 अमेरिकी डॉलर तक के इनाम का ऐलान किया है। गोल्डी बराड़ पर लॉरेंस बिश्नोई ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप में शामिल होने का आरोप है। यह ग्रुप दक्षिणी कैलिफोर्निया, पूरे अमेरिका और कनाडा में कई हिंसक वारदातों में शामिल बताया जाता है।
FBI के बीच भारत में एक्शन
- FBI ने बताया है कि गोल्डी बराड़ अमेरिका में ही रहता है और नॉर्थ अमेरिका में इस ग्रुप का लीडर है। एजेंसी ने कहा कि सिंह के खिलाफ 1 जुलाई, 2026 को अमेरिका के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजेलिस में एक फेडरल अरेस्ट वॉरंट जारी किया गया था. उस पर रैकेटियर इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गेनाइजेशंस (RICO) कॉन्सपिरेसी, जबरन वसूली के जरिए व्यापार में दखल देने की साजिश और कोशिश, और कंट्रोल्ड सब्सटेंस (नशीले पदार्थ) बांटने और रखने की साजिश जैसे गंभीर आरोप हैं।
- यह मामला तब और बड़ा हो जाता है जब अमेरिकी फेडरल प्रॉसिक्यूटर्स ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर संगठित आपराधिक गतिविधियों में उनकी भूमिका के लिए आरोप तय किए. इसमें 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की कथित हत्या भी शामिल है.
- अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, बिश्नोई और बराड़ उन कई आरोपियों में शामिल थे, जिन पर 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के तहत आरोप लगाए गए. यह ऑपरेशन हिंसक अपराधों, जबरन वसूली और अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल भारत-बेस्ड ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप्स पर नकेल कसने के लिए चलाया गया था।
अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि ये सिर्फ आरोप हैं और जब तक अदालत में दोष साबित नहीं हो जाता, सभी आरोपी निर्दोष माने जाएंगे.


