Bolsonaro Trump Connection: ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में हार मिलने के बाद दक्षिणपंथी नेता और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के करीबी फ्लैवियो बोल्सोनारो चुपचाप अमेरिका पहुंच गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे इटालियन पासपोर्ट और प्राइवेट जेट का इस्तेमाल करके मियामी पहुंचे हैं।
Brazil Presidential Election 2026: ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव हारते ही दक्षिणपंथी नेता फ्लैवियो बोल्सोनारो (Flávio Bolsonaro) गुप्त तरीके से अमेरिका भाग गए हैं। वे पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के काफी करीबी माने जाते हैं। चुनाव नतीजे आने के कुछ ही घंटों बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की परवाह किए बिना देश छोड़ दिया। इस घटना के बाद ब्राजील की राजनीति में हड़कंप मच गया है।
ब्राजील में बोल्सोनारो पर भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी जैसे कई गंभीर आरोप लगे हैं। अदालत में इन मामलों की जांच चल रही है। इसी वजह से ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने सख्त आदेश जारी करके उनके देश छोड़ने पर रोक लगा दी थी।
इटालियन पासपोर्ट से मियामी पहुंचे
कानूनी पाबंदियों से बचने के लिए बोल्सोनारो ने एक अलग रास्ता निकाला। रिपोर्ट्स की मानें तो उन्होंने इटालियन पासपोर्ट और एक प्राइवेट जेट का इस्तेमाल किया और चुपके से अमेरिका के मियामी पहुंच गए।
बोल्सोनारो ने भागने के दावों को नकारा
रविवार को राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद मियामी पहुंचे ब्राजील के सीनेटर फ्लैवियो बोल्सोनारो ने सफाई दी है। उन्होंने कहा, 'मेरा इरादा कभी भी अपनी मातृभूमि छोड़ने का नहीं था।'
अमेरिका पहुंचने के बाद उन्होंने दावा किया कि वे देश छोड़कर भागे नहीं हैं, बल्कि काम के सिलसिले में उन्हें ब्राजील से बाहर आना पड़ा। इस तरह उन्होंने चुनाव में हार के बाद देश से भागने के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है।
भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के चलते ब्राजील की सरकार ने बोल्सोनारो का पासपोर्ट रद्द कर दिया था। हालांकि, बाद में अमेरिका ने उन्हें और उनके परिवार को वीजा दे दिया। इस फैसले का बचाव करते हुए डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को कहा, 'बोल्सोनारो ने कुछ भी गलत नहीं किया है। इसीलिए हमने उन्हें अमेरिका आने के लिए वीजा दिया।'
दूसरी ओर, ब्राजील के नए राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने बोल्सोनारो के इस तरह देश छोड़कर जाने पर तीखा हमला बोला है। लूला ने कहा कि अगर उन्होंने कोई गलती नहीं की थी, तो उन्हें भागने की जरूरत नहीं थी और न ही किसी से डरने की जरूरत थी।
कैसे अमेरिका पहुंचे बोल्सोनारो?
शुरुआती खबरों के मुताबिक, बोल्सोनारो चोर रास्ते से पहले अर्जेंटीना पहुंचे। इसके बाद मंगलवार को वे अमेरिका में दाखिल हुए और फिर फ्लोरिडा चले गए। कई दिनों से उनके ठिकाने को लेकर सस्पेंस बना हुआ था, जो अब खत्म हो गया है। अमेरिका पहुंचने की पुष्टि उनके एक बयान से भी होती है। बोल्सोनारो ने अमेरिकी नागरिकों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि अर्जेंटीना और अमेरिका के राष्ट्रपति उनके अपने देश के लोगों की तरह हैं और वे उनके प्रति पूरी तरह वफादार रहेंगे।




