Florida Learjet Crash: फ्लोरिडा में 16 करोड़ का प्राइवेट जेट रविवार को क्रैश हो गया। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई। हादसे से पहले कॉकपिट का ऑडियो सामने आया है।
Florida Plane Crash: अमेरिका के फ्लोरिडा में रविवार दोपहर को एक 16 करोड़ रुपए (2 मिलियन डॉलर) का प्राइवेट जेट आसमान से रिहायशी इलाके में आ गिरा। इस हादसे में प्लेन (Learjet 60) में सवार सभी 9 लोगों की मौत हो गई। विमान टेक्सास के ऑस्टिन से बहामास के नॉर्थ एलीथेरा जा रहा था। लेकिन रास्ते में ही पाम बीच काउंटी में क्रेस्टहेवन के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अब एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई है, जिसमें पायलट मौत से ठीक पहले मदद की गुहार लगा रहा है। पायलट विमान को संभालने की कोशिश करता सुनाई दे रहा है।
हादसे से पहले क्या हुआ था?
सामने आए ATC ऑडियो के मुताबिक, पायलट ने विमान में मध्यम स्तर की टर्बुलेंस और बर्फ जमने जैसी स्थिति की जानकारी दी थी। उस समय बाहर का तापमान करीब माइनस 47 डिग्री सेल्सियस बताया गया। इसके बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा। जानकारी के अनुसार, विमान की ऊंचाई घटने की रफ्तार पहले करीब 10 हजार फीट प्रति मिनट थी। बाद में यह बढ़कर 20 हजार और फिर 22 हजार फीट प्रति मिनट तक पहुंच गई।
ATC ने पायलट से कहा, 'मैं तुम्हारे साथ हूं'
ऑडियो में एयर ट्रैफिक कंट्रोलर पायलट से संपर्क बनाए रखने की कोशिश करता सुनाई देता है। उसने कहा, 'मैं यहीं हूं, तुम्हारे साथ हूं। मुझसे बात करो।' इसके जवाब में पायलट ने कहा, 'हम जमीन से टकराने वाले हैं।' इसके बाद कॉकपिट से आखिरी बातचीत में आवाज सुनाई देती है, 'बाहर देखो... हमारे पास अब वक्त नहीं है।' इसके कुछ ही देर बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
हादसे का वीडियो भी आया सामने
हादसे के वीडियो भी सामने आए हैं। इनमें विमान को तेजी से नीचे गिरते और जमीन से टकराने के बाद आग के गोले में बदलते देखा जा सकता है। दुर्घटना के बाद मौके पर मलबा फैल गया। पास के एक मोबाइल होम को भी नुकसान पहुंचा। यह हादसा मिलिट्री ट्रेल और 10वीं एवेन्यू नॉर्थ के पास हुआ। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, विमान में सवार सभी 9 लोगों की मौत हो गई।
FAA और NTSB कर रहे हैं जांच
अमेरिका की फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) और नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) हादसे की जांच कर रहे हैं। फिलहाल दुर्घटना की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच में विमान के तकनीकी रिकॉर्ड, मौसम की स्थिति, पायलट की बातचीत और हादसे से पहले विमान की उड़ान से जुड़े आंकड़ों की जांच की जाएगी।






