नेपाल बॉर्डर के पास आखिर क्या कर रहा था TMC का पूर्व विधायक जहांगीर खान ? बंगाल की राजनीति में नया भूचाल, पूर्व विधायक पर क्यों कसा शिकंजा? TMC के पूर्व विधायक की गिरफ्तारी के पीछे क्या है पूरी कहानी?
कोलकाता (पश्चिम बंगाल): तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक जहांगीर खान को सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने दार्जिलिंग पुलिस के साथ मिलकर यह कार्रवाई की। जहांगीर को पानीटंकी बाजार से पकड़ा गया, जो नेपाल बॉर्डर के करीब है। उन पर डायमंड हार्बर पुलिस डिस्ट्रिक्ट के फालता थाने में कई मामले दर्ज थे और पुलिस को उनकी तलाश थी। बता दें कि पानीटंकी बाज़ार, पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले का एक कस्बाई इलाका है, जो नेपाल की सीमा के पास स्थित है।

मैदान छोड़कर भाग गया था जहांगीर खान
जहांगीर खान ने पिछले महीने फालता विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन 21 मई को हुए दोबारा मतदान से ठीक पहले उन्होंने चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया था। TMC ने इसे 'धोखा' बताया था, जबकि BJP नेताओं ने उन पर 'मैदान छोड़कर भागने' का तंज कसा था। इस सीट पर हुए दोबारा चुनाव में BJP के उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने 1,09,021 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की थी। उन्होंने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के उम्मीदवार शंभू नाथ कुर्मी को हराया था।
टीएमसी के कई नेता हो चुके गिरफ्तार
- जहांगीर खान की गिरफ्तारी के बाद, पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने दोहराया कि बंगाल के नागरिकों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "चाहे वह पुष्पा हो या कोई और, बंगाल के लोगों पर अत्याचार करने वालों को कभी नहीं बख्शा गया है।"
- बता दें कि जांच एजेंसियां पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामलों में TMC नेताओं पर शिकंजा कस रही हैं। 4 जून को भी कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया था।
‘पुष्पा झुकेगा नहीं साला’ डायलॉग बोलता था
बता दें कि जहांगीर खान ने बंगाल चुनाव में प्रचार के दौरान खुद को साउथ फिल्म के किरदार पुष्पा की तरह खुद को पेश किया था। इतना ही नहीं रैलियों में अर्जुन अल्लू का चर्चित डायलॉग ‘पुष्पा झुकेगा नहीं साला’ को भी बोलता था। यानि उसका कहने का मतलब था कि वह किसी के सामने झुकेगा नहीं। लेकिन जब विधानसभा के परिणाम आए तो वह बंगाल से भाग गया और कहीं छिप गया। लेकिन पुलिस ने अब उसको गिरफ्तार कर लिया है।
TMC में बड़ी फूट
ये सारी घटनाएं ऐसे समय में हो रही हैं जब 15 साल तक सत्ता में रहने के बाद TMC में बड़ी फूट पड़ गई है। पार्टी नेतृत्व के लिए एक बड़े झटके में, TMC के 80 में से 58 विधायकों ने कथित तौर पर विधानसभा अध्यक्ष रथींद्रनाथ बोस से संपर्क किया है। उन्होंने TMC विधायक दल पर अपना दावा ठोकते हुए हाल ही में पार्टी से निकाले गए विधायक रितब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता चुन लिया है।


