तमिलनाडु के पूर्व शिक्षा मंत्री और DMK नेता अनबिल महेश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर राज्य के निजी स्कूलों को मंजूरी देने के बदले कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने आरोप लगा है।
तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी को कथित 100 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि निजी स्कूलों को सरकारी मान्यता और दूसरी मंजूरियां दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर पैसे वसूले गए। 26 अक्टूबर 2026 को मद्रास हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। हालांकि, मामले में लगे आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।
कौन हैं अनबिल महेश?
अनबिल महेश पोय्यामोझी तमिलनाडु की द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के नेता हैं। वह पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की सरकार में साल 2021 से 2026 तक स्कूल शिक्षा मंत्री रहे। वह तिरुवेरुम्बुर विधानसभा सीट से विधायक भी रह चुके हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
क्या है 100 करोड़ रुपये का मामला?
मामला निजी स्कूलों को स्थायी मान्यता, स्कूल का दर्जा बढ़ाने और भवन निर्माण से जुड़ी मंजूरी समेत दूसरी सरकारी अनुमतियां दिलाने के नाम पर कथित तौर पर पैसे वसूलने से जुड़ा है।
शिकायत के मुताबिक, स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोगों को भरोसा दिया गया कि पैसे देने पर उनके लंबित आवेदन मंजूर करा दिए जाएंगे। पुलिस की जांच में करीब 100 करोड़ रुपये की कथित वसूली का मामला सामने आया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, पैसे कथित तौर पर पार्टी फंड के नाम पर भी मांगे गए थे।
जांच में अनबिल महेश का नाम कैसे आया?
इस मामले में पहले बीटी अरसाकुमार और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई। बाद में पुलिस ने जांच के दौरान अनबिल महेश की कथित भूमिका की भी जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि कुछ गवाहों ने स्कूलों से पैसे लेने और सरकारी मंजूरी दिलाने के आश्वासन को लेकर पूर्व मंत्री से बातचीत का जिक्र किया है।
हाईकोर्ट से राहत नहीं, फिर गिरफ्तारी
अनबिल महेश ने गिरफ्तारी से बचने के लिए मद्रास हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी, लेकिन 26 अक्टूबर को अदालत ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद चेन्नई पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कथित वित्तीय लेन-देन की जांच कर रहा है। अनबिल महेश ने आरोपों को चुनौती दी है और जांच अभी जारी है।


