गाज़ियाबाद के इंदिरापुरम में हुई शाही शादी का वीडियो वायरल! 1 करोड़ 11 लाख कैश, BMW, Scorpio N, हीरे-जवाहरात और बाइकें दहेज में देने का दावा। आखिर यह शादी थी, ताकत का प्रदर्शन या करोड़ों का सौदा? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से दहेज प्रथा पर मचा बवाल।

गाज़ियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद स्थित 'रॉयल एम्बियंस फार्म' में कल रात एक ऐसी शादी संपन्न हुई, जिसकी गूंज अब पूरे देश के सोशल मीडिया गलियारों में सुनाई दे रही है। इदरीसी समुदाय की इस शादी में जिस तरह से धन-दौलत और विलासिता का प्रदर्शन किया गया, उसने न केवल लोगों को हैरत में डाल दिया है, बल्कि समाज के सामने एक गंभीर सवाल भी खड़ा कर दिया है।

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BMW में नोटों के बैग और हीरों की चमक: क्या यह शादी थी?

चर्चा है कि दिल्ली के 'वेस्ट विनोद नगर' की रहने वाली दुल्हन और 'खजूरी' से आए दूल्हे के इस मिलन में दहेज की ऐसी नुमाइश हुई जो आमतौर पर फिल्मों में भी नहीं दिखती। प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के अनुसार, दहेज के रूप में 1 करोड़ 11 लाख 11 हज़ार रुपये नकद दिए गए। इतना ही नहीं, नोटों से भरे बैगों और 11 कीमती हीरे के सेटों को एक लग्जरी BMW कार में लादकर प्रदर्शित किया गया। सोने-चांदी के आभूषणों की तो गिनती करना भी मुश्किल था। सवाल यह उठता है कि क्या एक पवित्र बंधन की शुरुआत के लिए इतने भारी 'लेन-देन' की आवश्यकता थी?

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बिचौलिए को Scorpio N और मेहमानों को 'स्प्लेंडर' का इनाम

इस शादी की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि यहाँ केवल दूल्हे को ही नहीं नवाजा गया, बल्कि पूरी 'बाराती टीम' और सहायकों पर भी पैसों की बारिश की गई। शादी तय कराने वाले बिचौलिए को उपहार स्वरूप 27 लाख रुपये की Scorpio N कार भेंट की गई। वहीं, छोटे-मोटे कार्यों में मदद करने वाले लोगों को दर्जनों Splendor बाइकें बांटी गईं।

‘उम्मीद पहलवान’ की एंट्री ने बढ़ाया ड्रामा

शादी में एक और नाम चर्चा में रहा-‘उम्मीद पहलवान’। दावा है कि उन्हें लोनी क्षेत्र से खास तौर पर बुलाया गया था ताकि वे मंच से दहेज में दी गई चीज़ों की घोषणा कर सकें। स्थानीय लोगों के अनुसार, वे ऐसे आयोजनों में ऊंची आवाज़ में दहेज और उपहारों का ऐलान करने के लिए जाने जाते हैं। जैसे-जैसे गाड़ियों और गहनों की सूची मंच से पढ़ी गई, वैसे-वैसे भीड़ में शोर और उत्सुकता बढ़ती चली गई।

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पिता की मौत के बाद भी ‘शान’ दिखाने की कोशिश?

बताया जा रहा है कि दुल्हन के पिता फ़ैयाज़ का कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका था। इसके बावजूद परिवार ने शादी को बेहद भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर लोगों की राय दो हिस्सों में बँट गई है। कुछ लोग इसे परिवार की “इज़्ज़त और हैसियत” बता रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग इसे दहेज प्रथा का खतरनाक और शर्मनाक प्रदर्शन कह रहे हैं।

दावतों का दौर और नैतिकता का दोहरा मापदंड

शादी में बकरे का गोश्त, बटेर और मछली जैसे सैकड़ों लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाने वाले मेहमानों के व्यवहार ने भी इस मामले में कड़वा मोड़ ला दिया है। खबर है कि कई लोग जो रात भर इन पकवानों का आनंद लेते रहे, सुबह होते ही सोशल मीडिया पर 'दहेज एक अभिशाप है' जैसे ज्ञान बांटने लगे। यह समाज के उस दोहरे चेहरे को उजागर करता है जहाँ हम कुरीतियों का हिस्सा तो बनते हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से नैतिकता का ढोंग करते हैं।