गाजियाबाद में 12, 14 और 16 साल की तीन बहनों ने नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में शारीरिक शोषण, मानसिक तनाव और मोबाइल छीने जाने का ज़िक्र है। पोस्टमॉर्टम में मौत से पहले चोटों के निशान मिले हैं।

Ghaziabad Sisters Suicide Mystery: गाजियाबाद में 3 नाबालिग बहनों की आत्महत्या के मामले में जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आ रही है, मामला और गंभीर होता जा रहा है। पुलिस के अनुसार, लड़कियों ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था कि “शारीरिक शोषण सहने से बेहतर मर जाना है।” इस बयान ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बच्चियों को घर के अंदर दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा था।

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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा 

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) ने बताया कि तीनों बहनों की मौत शॉक और अत्यधिक रक्तस्राव (हेमरेज) के कारण हुई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि उनके शरीर पर मौत से पहले की चोटों के निशान थे। इससे पुलिस की जांच और गहरी हो गई है।

सुसाइड नोट में शारीरिक शोषण का जिक्र

पुलिस के मुताबिक, सुसाइड नोट में लिखा है, शारीरिक शोषण झेलने से बेहतर मर जाना था। सुसाइड नोट में लिखी इस बात ने पूरे मामले को सिर्फ आत्महत्या नहीं, बल्कि संभावित घरेलू दुर्व्यवहार से भी जोड़ दिया है।

मोबाइल फोन को लेकर घर में हुआ था विवाद

पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना से पहले लड़कियों के पिता ने उनके मोबाइल फोन बंद कर दिए थे। बताया गया कि लड़कियां इस बात को लेकर बहुत परेशान थीं। कथित तौर पर उन्हें यह भी कहा गया था कि अगर वे बात नहीं मानेंगी, तो उनकी शादी करा दी जाएगी।

सुसाइड नोट और डायरी से झलका मानसिक तनाव

तीनों बहनों द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट और डायरी से गहरे मानसिक तनाव, पारिवारिक दबाव और इमोशनल अकेलेपन की तस्वीर सामने आई है। पुलिस के अनुसार, डायरी में घर पर होने वाले शारीरिक शोषण और खुद को अकेला महसूस करने की बातें लिखी गई थीं।

“हम मार खाने के लिए पैदा नहीं हुई थीं”

सुसाइड नोट में एक और बेहद भावुक लाइन लिखी गई थी, हम इस दुनिया में मार खाने के लिए पैदा नहीं हुई थीं। मार खाने से बेहतर मौत लगी। पुलिस का कहना है कि यह घटना उस वक्त हुई जब पिता ने मोबाइल फोन छीन लिए थे।

कोरियन ड्रामा और K-Pop से गहरा जुड़ाव

पुलिस ने बताया कि लड़कियां कोरियन ड्रामा और K-Pop की बहुत शौकीन थीं। मोबाइल न होने के कारण वे अपने पसंदीदा शो नहीं देख पा रही थीं, जिससे वे और तनाव में चली गईं। डायरी की एंट्रियों से पता चलता है कि तीनों बहनों के बीच बहुत मजबूत भावनात्मक रिश्ता था। वे ज्यादातर समय एक-दूसरे के साथ रहती थीं और धीरे-धीरे सोशल लाइफ से कटती जा रही थीं।

कोरियन कल्चर से बनी एक अलग दुनिया

बहनें एक-दूसरे को टीवी शोज से प्रेरित नामों मारिया, एलिजा और सिंडी से बुलाती थीं। ऐसा लगता है कि वे खुद को कोरियन कल्चर से प्रभावित एक अलग ही दुनिया में महसूस कर रही थीं। बता दें कि 12, 14 और 16 साल की तीनों बहनों ने कथित तौर पर बुधवार सुबह अपने नौवीं मंजिल वाले फ्लैट की खिड़की से कूदकर आत्महत्या कर ली।