राज्यों द्वारा 2.21 करोड़ अयोग्य राशन कार्ड रद्द करने के बाद केंद्र ने 3 करोड़ नए कार्डों को मंजूरी दी है। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनाज केवल पात्र और जरूरतमंद लोगों को ही मिले।
नई दिल्ली: राशन कार्ड धारकों के लिए एक बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने करीब 3 करोड़ नए राशन कार्ड जारी करने को हरी झंडी दे दी है। गुरुवार को केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बताया कि यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि कई राज्य सरकारें अपने यहां 2.21 करोड़ अयोग्य या फर्जी राशन कार्ड रद्द कर रही हैं। स्मार्ट वेयरहाउसिंग सिस्टम के उद्घाटन के मौके पर जोशी ने साफ किया, 'अयोग्य लोगों को हटाने का काम केंद्र सरकार ने नहीं किया है। यह फैसला राज्य सरकारों ने अपने नियमों के आधार पर लिया है।'

उन्होंने बताया कि खाद्य मंत्रालय ने 8.51 करोड़ ऐसे लोगों की पहचान की थी जो शायद योजना के पात्र नहीं थे। इनमें मृतक, इनकम टैक्स भरने वाले और चार पहिया गाड़ी के मालिक शामिल थे। यह लिस्ट राज्यों को भेजी गई थी। इस 8.51 करोड़ की लिस्ट में से राज्यों ने अब तक 2.21 करोड़ राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं। जोशी ने कहा, 'हमने कार्ड रद्द नहीं किए हैं। यह सब पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम (PDS) के डिजिटलीकरण की वजह से मुमकिन हुआ है।'
योग्य लोगों को जोड़ने की मिली इजाजत
जोशी ने आगे कहा, 'राज्यों को योग्य लाभार्थियों को जोड़ने की इजाजत दी गई है। अलग-अलग राज्य सरकारें अब करीब 3 करोड़ नए राशन कार्ड जारी कर सकती हैं।'
उन्होंने यह भी बताया कि कार्ड रद्द करने की प्रक्रिया हर राज्य में एक जैसी नहीं है। कुछ राज्यों ने यह काम पूरा कर लिया है, जबकि कुछ ने अभी अयोग्य लोगों की पहचान भी शुरू नहीं की है। केंद्र का मकसद पैसा बचाना नहीं, बल्कि यह पक्का करना है कि अनाज जरूरतमंदों तक पहुंचे। जोशी ने कहा, 'सब कुछ मिलाकर, देश में अब 79 करोड़ राशन कार्ड हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत हमारा लक्ष्य 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज देना है।'
