6 साल तक कराई बाल मजदूरी, दीवान पलंग से निकली नाबालिग बच्ची की दर्दनाक कहानी
Guwahati Child Abuse Case: गुवाहाटी के पंजाबारी इलाके से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची को दीवान पलंग में बंद कर छिपाया गया। छापेमारी के दौरान बच्ची कमजोर हालत में मिली। वीडियो वायरल होने के बाद जांच जारी है।

दीवान पलंग में बंद कर छिपाई गई 13 वर्षीय नाबालिग
कभी-कभी किसी शहर की शांत कॉलोनी से ऐसी खबर सामने आती है, जो पूरे समाज की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर देती है। असम की राजधानी गुवाहाटी के पंजाबारी इलाके से सामने आया मामला भी कुछ ऐसा ही है, जहां एक 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची को वर्षों तक घरेलू नौकर के रूप में इस्तेमाल किया गया और छापेमारी की भनक लगते ही उसे घर के भीतर दीवान पलंग में बंद कर दिया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
छापेमारी से पहले रची गई खौफनाक साजिश
यह मामला पंजाबारी के जुरिपार इलाके स्थित हाउस नंबर-69 का है। स्थानीय लोगों की शिकायत के आधार पर रविवार शाम जिला श्रम टास्क फोर्स ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में यहां छापेमारी की। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई की जानकारी मिलते ही घर की मालकिन अमरीन अख्तर लस्कर ने नाबालिग बच्ची को करीब 25 मिनट तक दीवान पलंग के अंदर बंद कर छिपा दिया, ताकि उसकी मौजूदगी से इनकार किया जा सके।
छह साल से कराई जा रही थी बाल मजदूरी
जांच में सामने आया है कि बच्ची को पिछले छह वर्षों से घरेलू कामकाज में लगाया गया था। इस दौरान उससे न सिर्फ जबरन काम कराया जा रहा था, बल्कि शारीरिक प्रताड़ना भी दी जाती थी। बच्ची की उम्र को देखते हुए यह मामला बाल श्रम कानून और बाल संरक्षण से जुड़े गंभीर प्रावधानों का सीधा उल्लंघन माना जा रहा है।
जिला श्रम टास्क फोर्स के एक अधिकारी ने बताया कि टीम के पहुंचते ही मकान मालकिन अरिना लस्कर खातून ने बच्ची की मौजूदगी से साफ इनकार कर दिया। उनका दावा था कि बच्ची के पिता उसे तीन-चार दिन पहले ही अपने साथ ले गए हैं।
हालांकि, घर के अंदर की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर अधिकारियों ने निरीक्षण की अनुमति मांगी। शुरू में इसका विरोध किया गया, लेकिन मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जब तलाशी ली गई तो सच्चाई सामने आ गई।
गुवाहाटी में इंसानियत शर्मसार
13 साल की नाबालिग दिवान बॉक्स में बंद मिली।
6 साल से घरेलू नौकर बनाकर रखा गया।
ये अपराध नहीं, हैवानियत है।#Guwahati#Crime#ChildAbuse#Shamepic.twitter.com/kNsEmYs86u— Madan Mohan Soni (@madanmohansoni) February 4, 2026
दीवान पलंग के अंदर मिली बच्ची, हालत बेहद खराब
तलाशी के दौरान बच्ची को दीवान पलंग/वार्डरोब के अंदर छिपा हुआ पाया गया। बाहर निकालने पर उसकी हालत बेहद कमजोर थी। उसे तुरंत पानी दिया गया। होश में आते ही बच्ची फूट-फूटकर रोने लगी। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि उसे लंबे समय से मारपीट और प्रताड़ना का शिकार बनाया जा रहा था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बच्ची को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया, जहां उसकी देखभाल और काउंसलिंग की व्यवस्था की गई।
कानून और समाज दोनों के लिए चेतावनी
यह मामला सिर्फ एक घर तक सीमित नहीं है, बल्कि उस कड़वी सच्चाई को उजागर करता है, जहां आज भी नाबालिग बच्चों से घरेलू मजदूरी कराई जा रही है और अत्याचार को चारदीवारी के भीतर छिपा दिया जाता है। बाल अधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में स्थानीय स्तर पर सतर्कता और शिकायत तंत्र की भूमिका बेहद अहम होती है।
प्रशासन की ओर से बताया गया है कि मामले की गहन जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ बाल श्रम निषेध एवं विनियमन अधिनियम तथा अन्य संबंधित कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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