Gwalior Truck Accident में शीतला माता मंदिर के पास धान से लदा ट्रक श्रद्धालुओं पर चढ़ गया। हादसे में 12 लोगों की मौत हुई। जानें बैरिकेड्स टूटने, घायलों की हालत और प्रशासन की जांच से जुड़ी पूरी जानकारी।
Gwalior Temple Accident: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रविवार तड़के एक दर्दनाक हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया। नवरात्रि के पावन अवसर पर शीतला माता मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं पर एक अनियंत्रित ट्रक कहर बनकर टूट पड़ा। धान से लदा यह भारी ट्रक पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ते हुए सड़क पर चल रहे लोगों को कुचलता हुआ मंदिर की दीवार से जा टकराया। इस भयानक हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
Gwalior Truck Accident Reason: कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?
- घटना का समय: यह हादसा रविवार तड़के करीब 1:30 बजे उस समय हुआ जब लोग नवरात्रि पर पूजा-अर्चना के लिए मंदिर की तरफ जा रहे थे।
- ढलान और बैरिकेड तोड़ना: ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के मुताबिक, धान से लदा ट्रक छिनोर की तरफ से आ रहा था। मंदिर की तरफ जाने वाली सड़क पर काफी ढलान है और भारी वाहनों के आने-जाने पर रोक है।
- बैरिकेड्स पर नहीं रुका: रात करीब डेढ़ बजे ट्रक को चेकपॉइंट पर रोका गया था, लेकिन वह बैरिकेड्स को टक्कर मारकर नीचे ढलान की तरफ बेकाबू हो गया।
- ओवरलोडिंग का आरोप: चश्मदीदों का कहना है कि ट्रक में क्षमता से अधिक सामान (ओवरलोडिंग) भरा हुआ था, जिसके कारण ड्राइवर वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और उसने सड़क किनारे की दुकानों व लोगों को चपेट में ले लिया।
Rescue and Investigation: प्रशासन की कार्रवाई और घायलों का हाल
- अस्पताल में भर्ती: हादसे के बाद तुरंत पुलिस और प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए 39 लोगों को अस्पताल पहुंचाया, जिनमें से 12 ने दम तोड़ दिया।
- गंभीर रूप से घायल: एसएसपी के अनुसार, 5 से 6 लोगों की हालत बेहद नाजुक है, जिनकी हड्डियां टूट चुकी हैं और गंभीर चोटें आई हैं। ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी इस हादसे में घायल हुए हैं।
- आरंभिक जांच: ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि यह जांच की जा रही है कि भारी वाहनों पर पाबंदी होने के बावजूद ट्रक उस रास्ते पर कैसे पहुँचा। ट्रक की तकनीकी जांच के लिए आरटीओ (RTO) टीम को भी मौके पर भेजा गया है।
Gwalior Accident Reason: बैरिकेड्स के बावजूद सड़क पर कैसे पहुंचा ट्रक?
ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि बैरिकेड्स और पुलिस चेकपॉइंट होने के बावजूद ट्रक प्रतिबंधित सड़क पर कैसे पहुंच गया।
- ट्रक की तकनीकी जांच के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की टीम भेजी गई है।
- जांच में पता लगाया जाएगा कि वाहन में कोई तकनीकी खराबी तो नहीं थी।
- घायलों की चोटों का आकलन करने के लिए मेडिकल टीमें CT स्कैन और एक्स-रे कर रही हैं।
- एक प्रत्यक्षदर्शी ने ANI से बातचीत में ट्रक में क्षमता से अधिक धान भरे होने का आरोप भी लगाया।
- हालांकि, ओवरलोडिंग या तकनीकी खराबी हादसे की वजह थी या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
- प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद घटना से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है।








