हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में दान चोरी रोकने के लिए पुजारियों व कर्मचारियों हेतु नया ड्रेस कोड लागू हुआ है। अब उन्हें बिना जेब वाले कुर्ते पहनने होंगे। पारदर्शिता के लिए 65 CCTV कैमरे भी लगाए गए हैं।
हरिद्वार: अयोध्या और बद्रीनाथ जैसे मंदिरों में दान के पैसों की चोरी की शिकायतों के बाद, हरिद्वार के मशहूर मनसा देवी मंदिर ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंदिर ने अपने पुजारियों और कर्मचारियों के लिए एक नया ड्रेस कोड लागू कर दिया है। इस नए नियम के मुताबिक, अब से पुजारियों को बिना जेब वाले कुर्ते पहनने होंगे। मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन रवींद्र पुरी ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि पुजारी और बाकी कर्मचारी बिना जेब वाले कपड़े पहनने के नियम का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं।
मंदिर ट्रस्ट की तरफ से पिछले बुधवार को ही पुजारियों और कर्मचारियों को बिना जेब वाले नए कपड़े बांटे गए। न्यूज एजेंसी PTI से बात करते हुए रवींद्र पुरी ने कहा, "मंदिरों में चढ़ावे के पैसे चोरी होने के आरोपों के बाद यह व्यवस्था की गई है। हमारा मानना है कि अगर कपड़ों में जेब ही नहीं होगी, तो चढ़ावे के पैसे जेब में रखने की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।"
उन्होंने आगे कहा, "कुछ लोगों की गलत हरकतों की वजह से पूरे मंदिर प्रशासन और सनातन परंपरा पर सवाल उठते हैं। इसलिए भक्तों का भरोसा बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था।"
बिना जेब वाले कपड़े बांटने के अलावा, मंदिर के कामकाज में और ज्यादा पारदर्शिता लाने के लिए 65 CCTV कैमरे भी लगाए गए हैं। इसके साथ ही, दान को संभालने और मंदिर की व्यवस्था की देखरेख के लिए सात पुजारियों की एक खास कमेटी भी बनाई गई है। ट्रस्ट ने साफ किया है कि वो यह पक्का करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है कि दान में मिला हर एक रुपया सीधे मंदिर तक पहुंचे और भक्तों को उसकी रसीद भी दी जाए। अधिकारियों के मुताबिक, इस कदम का मकसद दान में होने वाली किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकना और भक्तों के विश्वास को बनाए रखना है।
