हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत की रैंक सुधरकर 75 हो गई है। इसके बावजूद, वीज़ा-फ्री देशों की संख्या 57 से घटकर 56 रह गई है। सिंगापुर 192 देशों में वीज़ा-फ्री यात्रा के साथ शीर्ष पर है।

नई दिल्ली: दुनिया के देशों के पासपोर्ट की ताकत बताने वाला 2026 का हेनले पासपोर्ट इंडेक्स जारी हो गया है। भारत के पासपोर्ट की ताकत में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सुधार हुआ है। 2025 में 85वें स्थान पर रहा भारत 10 पायदान चढ़कर 75वें पर पहुंच गया है। लेकिन, पिछले साल के मुकाबले रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाने के बावजूद, वीज़ा के बिना यात्रा किए जा सकने वाले देशों की संख्या में कमी आई है।

इस साल जनवरी में 80वें स्थान पर रहा भारत फरवरी तक 75वें स्थान पर पहुंचकर अपनी स्थिति में सुधार कर चुका है। वहीं, 2025 में भारतीय पासपोर्ट धारक 57 देशों में बिना वीज़ा के जा सकते थे। लेकिन अब यह संख्या घटकर 56 हो गई है। इसके बावजूद, भारत रैंकिंग में आगे बढ़ गया। दूसरे देशों के प्रदर्शन के आधार पर भारत की रैंक में सुधार हुआ। दो देशों ने भारतीय यात्रियों को 'फ्री एंट्री' देने से मना कर दिया। ईरान और बोलीविया ने भारतीयों के लिए मुफ्त वीज़ा सुविधा रद्द कर दी।

फर्जी वर्क वीज़ा से जुड़ी धोखाधड़ी और सुरक्षा चिंताओं के चलते ईरान ने नवंबर 2025 में भारतीयों के लिए मुफ्त वीज़ा सुविधा रद्द कर दी थी। पहले 'वीज़ा ऑन अराइवल' देने वाले बोलीविया ने अब 'ई-वीज़ा' को ज़रूरी बना दिया है, जिससे वह भी मुफ्त वीज़ा सूची से बाहर हो गया। वहीं, जनवरी 2026 में यह सूची 55 देशों तक सिमट गई थी, लेकिन फरवरी में गाम्बिया के जुड़ने से भारतीयों के लिए वीज़ा-फ्री देशों की संख्या बढ़कर 56 हो गई।

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में देशों की रैंकिंग

पहला स्थान: सिंगापुर (192 देशों में वीज़ा-फ्री यात्रा)।

दूसरा स्थान: जापान, दक्षिण कोरिया (187 देशों में वीज़ा-फ्री यात्रा)।

सबसे नीचे: अफगानिस्तान (रैंक 101)। सिर्फ 24 देशों में ही वीज़ा-फ्री यात्रा की सुविधा।