Himachal Rain Alert : हिमाचल प्रदेश में हो रही मूसलाधार बारिश कहर बरपा रखा है। मंगलवार को भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मौसम विभाग ने कांगड़ा, चंबा और सिरमौर में रेड अलर्ट जारी किया है।
शिमला : हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को मानसून की लगातार हो रही बारिश ने आम जन-जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारी बारिश की वजह से सड़कें, बिजली और पीने के पानी की सप्लाई में दिक्कतें आ रही हैं। इस बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कांगड़ा, चंबा और सिरमौर जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। विभाग ने इन इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है।
मौसम विभाग ने दी खतरनाक चेतावनी
राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से सक्रिय है। IMD ने आगाह किया है कि तेज बारिश की वजह से संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड), भूस्खलन और जलभराव की स्थिति बन सकती है।
मंत्री ने बताया कैसे बरपा हिमाचल में कुदरत का कहर
- एएनआई से बात करते हुए हिमाचल प्रदेश के राजस्व, बागवानी और जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि रेड अलर्ट के बावजूद, नुकसान उतना बड़ा नहीं हुआ जितनी आशंका थी। हालांकि, उन्होंने माना कि कई जिलों से अचानक बाढ़ और भूस्खलन की खबरें आई हैं।
- मंत्री के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण राज्य में 145 सड़कें अभी भी बंद हैं, 508 बिजली डिस्ट्रिब्यूशन ट्रांसफॉर्मर (DTRs) काम नहीं कर रहे हैं और 43 पेयजल सप्लाई योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
- नेगी ने बताया कि लाहौल-स्पीति और कुछ दूसरे जिलों में अचानक आई बाढ़ ने छोटे-छोटे नालों पर बने पुलों और संपर्क सड़कों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे कई इलाकों में आना-जाना मुश्किल हो गया है।
- उन्होंने आगे बताया कि जुलाई के महीने में हिमाचल प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 66 लोगों की जान जा चुकी है। इन मौतों की वजह सड़क हादसे, भूस्खलन और चट्टानें गिरना है।
- उन्होंने कहा, "सरकार स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है और सभी संबंधित विभाग राहत और बचाव कार्यों में लगे हुए हैं।"
हिमाचल में सफर करने से बचें
मंत्री ने यह भी बताया कि जिला प्रशासनों और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) को हाई अलर्ट पर रहने और सभी जरूरी precautionary measures लेने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने लोगों को भी सलाह दी है कि वे संवेदनशील इलाकों में गैर-जरूरी यात्रा से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों का सख्ती से पालन करें, खासकर उन जिलों में जहां रेड अलर्ट है।


