Stray Dog Attack Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर में एक छोटे बच्चे पर आवारा कुत्ते के हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। घटना के बाद इलाके में चिंता बढ़ गई है और लोग प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या पर ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया। यहां एक छोटे बच्चे पर अचानक आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। बच्चा अपने परिवार के साथ सड़क से गुजर रहा था, तभी पीछे से आए कुत्ते ने उस पर झपट्टा मार दिया। घटना इतनी तेजी से हुई कि परिवार को संभलने का मौका भी नहीं मिला। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह बच्चे को कुत्ते से छुड़ाया। फिलहाल बच्चे को कितनी गंभीर चोटें आई हैं, इस बारे में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन घटना के बाद इलाके में डर का माहौल जरूर बन गया है।
अचानक हुआ हमला, संभलने का मौका तक नहीं मिला
बताया जा रहा है कि बच्चा अपने परिजनों के साथ कहीं जा रहा था। तभी अचानक एक आवारा कुत्ता पीछे से आया और उस पर हमला कर दिया। घटना इतनी तेजी से हुई कि कुछ पल के लिए लोग समझ ही नहीं पाए कि क्या हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत दौड़कर बच्चे को बचाया और कुत्ते को वहां से भगाया। इस घटना के बाद आसपास के लोगों में काफी चिंता देखने को मिल रही है।
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वायरल वीडियो ने बढ़ाई लोगों की बेचैनी
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में हमले का चौंकाने वाला मंजर साफ दिखाई दे रहा है। कई लोगों ने इस वीडियो को देखकर अपनी चिंता जाहिर की है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कुछ लोगों ने प्रशासन पर सवाल उठाए और कहा कि आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे। वहीं कई लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि कुत्तों की नसबंदी और वैक्सीनेशन कार्यक्रम को मजबूत किया जाए। उनका कहना है कि वैज्ञानिक तरीके से आबादी नियंत्रित करने से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सुरक्षा बनाम पशु संरक्षण, दोनों के बीच संतुलन जरूरी
कुछ लोगों ने आक्रामक कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों से हटाने की मांग की, जबकि कई लोगों ने यह भी कहा कि समाधान ऐसा होना चाहिए जिसमें जानवरों को नुकसान न पहुंचे। लोगों का मानना है कि इंसान की सुरक्षा और पशु संरक्षण दोनों के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। इसके लिए स्पष्ट नियम और प्रभावी सिस्टम की जरूरत है।
पहले भी उठ चुका है आवारा जानवरों का मुद्दा
दरअसल, हिमाचल प्रदेश में आवारा जानवरों की समस्या नई नहीं है। सितंबर 2025 में शिमला में इस मुद्दे को लेकर नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। इस प्रदर्शन का नेतृत्व Jagmohan Thakur ने किया था। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आवारा कुत्तों और बंदरों की बढ़ती संख्या से खासकर बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ रहा है।
अब प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग
सुजानपुर की इस घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि आवारा जानवरों के मैनेजमेंट के लिए मजबूत योजना कब बनेगी। स्थानीय लोग चाहते हैं कि प्रशासन जल्द ठोस कदम उठाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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