एक नई स्टडी के अनुसार, एलियन की खोज में 61 लाख से ज़्यादा तारों की रेडियो निगरानी की गई है, जो अनुमान से कहीं ज़्यादा है। अब तक कोई सिग्नल नहीं मिला है, और अब ऊंची रेडियो फ्रीक्वेंसी पर खोज जारी है।
धरती के बाहर intelligent life यानी समझदार जीवों को खोजने की कोशिशें अब तक भले ही कामयाब न हुई हों, लेकिन एक नई स्टडी बताती है कि ये खोज हमारी सोच से कहीं ज़्यादा बड़े पैमाने पर हो चुकी है। अब तक यही माना जाता था कि हमारी आकाशगंगा (Milky Way) के अरबों तारों में से कुछ ही को खंगाला गया है। लेकिन असल में रिसर्चर्स 61 लाख से ज़्यादा तारों पर रेडियो नज़र रख चुके हैं।
नई खोज के पीछे रिसर्च स्टूडेंट का कमाल
इस नई खोज के पीछे मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च स्टूडेंट, लुइसा मेसन का हाथ है। उन्होंने हमारी आकाशगंगा के 'बेसांसों गैलेक्सी मॉडल' (Besançon Galaxy model) का इस्तेमाल किया। जब उन्होंने ग्रीन बैंक और पार्क्स रेडियो टेलीस्कोप के डेटा से इस मॉडल की तुलना की, तो पाया कि उम्मीद से कहीं ज़्यादा तारे इस निगरानी में शामिल हो गए थे।
पहले के अनुमानों के मुताबिक, ऐसा माना जा रहा था कि करीब 2,88,000 तारों को ही मॉनिटर किया गया है। लेकिन नए विश्लेषण में यह संख्या बढ़कर 61 लाख हो गई। स्टडी में यह भी पता चला कि इनमें से कई तारे इतने धुंधले हैं कि उन्हें आम दूरबीनों से देख पाना भी मुश्किल है।
रेडियो टेलीस्कोप की खासियत
रेडियो टेलीस्कोप की एक खास बात होती है। जब कोई टेलीस्कोप किसी एक तारे की ओर निशाना साधता है, तो वह सिर्फ उसी तारे को नहीं देखता। बल्कि, उस दिशा में मौजूद कई दूसरे तारों से आने वाले रेडियो सिग्नल भी एक साथ पकड़ लेता है। इसी वजह से, जिन तारों पर सीधे तौर पर नज़र नहीं रखी गई थी, वे भी इस खोज का हिस्सा बन गए।
अभी भी उम्मीद बाकी है
इतने सारे तारों की जांच के बाद भी एलियंस का कोई मैसेज न मिलना निराश करने वाली बात नहीं है। रिसर्चर्स का कहना है कि हर तारे को बहुत कम समय के लिए देखा गया है। साथ ही, अब तक बहुत सीमित रेडियो फ्रीक्वेंसी पर ही खोज हुई है। हो सकता है कि कोई सिग्नल किसी और समय या किसी दूसरी फ्रीक्वेंसी पर आया हो और हम उसे पकड़ न पाए हों।
अब एक नई दिशा में होगी खोज
इसी वजह से, मेसन ने चिली में मौजूद 'अटाकामा लार्ज मिलीमीटर-सबमिलीमीटर ऐरे' (ALMA) का इस्तेमाल करके ऊंची रेडियो फ्रीक्वेंसी पर भी खोज शुरू की है। अब तक इस तरह की फ्रीक्वेंसी पर एलियंस की खोज बहुत कम हुई है। हालांकि इस नई खोज में भी कोई साफ सिग्नल नहीं मिला, लेकिन रिसर्चर्स को उम्मीद है कि भविष्य में इस अनदेखे क्षेत्र में कुछ बड़ी कामयाबी मिल सकती है। इस स्टडी के नतीजों को नेशनल एस्ट्रोनॉमी मीटिंग में पेश किया गया है और रिसर्च पेपर के तौर पर भी पब्लिश किया गया है।
