भारतीय वायुसेना के एक विंग कमांडर को हनी ट्रैप में फंसाकर खुफिया जानकारी लीक करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। दिल्ली में तैनात इस अधिकारी पर आरोप है कि उसने फाइटर जेट सौदों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी ऑपरेटिव्स को दी।
IAF Wing Commander: भारतीय वायुसेना (IAF) के एक विंग कमांडर को हनी ट्रैप में फंसाकर खुफिया जानकारी लीक करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। यह अधिकारी दिल्ली स्थित वायुसेना मुख्यालय में तैनात था। आरोप है कि उसने पाकिस्तान के लिए काम करने वाली दो महिलाओं को ये संवेदनशील जानकारियां दीं।
बताया जा रहा है कि अधिकारी की मुलाकात एक महिला से एक डेटिंग ऐप पर हुई थी। बाद में इसी महिला ने उसे अपनी एक और साथी से मिलवाया, जो कथित तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से जुड़ी थी। यहीं से खुफिया जानकारी लीक होने का सिलसिला शुरू हुआ।
कितनी अहम जानकारी लीक हुई?
जांच में सामने आया है कि विंग कमांडर ने वायुसेना के हालिया फाइटर जेट सौदों से जुड़ी बेहद गोपनीय बातें लीक कीं। इसके अलावा, उसने अपनी तैनाती और दूसरे ऑपरेशनल डिटेल्स भी इन महिलाओं के साथ साझा किए। इन जानकारियों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से "बेहद संवेदनशील" माना जा रहा है।
वायुसेना की काउंटर-इंटेलिजेंस विंग काफी समय से इस अधिकारी की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। जब उसके खिलाफ पुख्ता सबूत हाथ लगे, तब उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। मामला वाकई संगीन है क्योंकि इसमें सीधे तौर पर देश की सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां बाहर गई हैं।
जांच एजेंसियां अब क्या कर रही हैं?
फिलहाल, विंग कमांडर वायुसेना की खुफिया विंग की गिरफ्त में है और उससे लगातार पूछताछ चल रही है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस मामले में कोई और भी शामिल है।
अब जांच का मुख्य फोकस उन विदेशी हैंडलर्स की पहचान करना है, जिनके इशारे पर ये महिलाएं काम कर रही थीं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस जानकारी का इस्तेमाल भारत के खिलाफ किसी गतिविधि में करने की कोई योजना तो नहीं थी।
