गुजरात के CM भूपेंद्र पटेल ने अमूल के AI असिस्टेंट 'सरलाबेन' की तारीफ की है। उन्होंने इसे पशुपालकों, खासकर महिलाओं के लिए एक 'गेम-चेंजर' बताया। यह AI पशुओं की सेहत और दूध उत्पादन पर रियल-टाइम जानकारी देता है।

गांधीनगर (गुजरात)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को ग्रामीण भारत में टेक्नोलॉजी की बदलती भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने अमूल AI पहल की सफलता और राज्य भर के डेयरी किसानों पर इसके असर के बारे में बताया।

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इस प्लेटफॉर्म के बारे में बात करते हुए, उन्होंने 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट' में नंदन नीलेकणि की बातों का भी जिक्र किया। नीलेकणि ने इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'टेक-एम्पॉवर्ड ग्रामीण भारत' के विजन का सबूत बताया था।

यह AI असिस्टेंट 'सरलाबेन' 200 करोड़ डेटा रिकॉर्ड्स का इस्तेमाल करके पशुओं की सेहत और दूध देने की क्षमता पर रियल-टाइम में जानकारी देता है। इससे डेयरी किसानों, खासकर महिला किसानों को अपनी आजीविका सुधारने में मदद मिल रही है।

CM भूपेंद्र पटेल ने X पर एक पोस्ट में लिखा, "टेक्नोलॉजी सबसे ताकतवर तब होती है, जब वो लोगों की भाषा में बात करे। खुशी है कि नंदन नीलेकणि जी ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में हमारे अमूल AI इनिशिएटिव की कहानी शेयर की। यह PM नरेंद्र मोदी जी के टेक-एम्पॉवर्ड ग्रामीण भारत के विजन का सबूत है। मुझे हाल ही में इस प्लेटफॉर्म को लॉन्च करने का सम्मान मिला, जो 200 करोड़ डेटा रिकॉर्ड्स का इस्तेमाल करके जिंदगियां बदल रहा है।"

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 <br>मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पोस्ट में आगे लिखा</p><blockquote><p>अमूल का AI असिस्टेंट 'सरलाबेन' हमारे पशुपालकों के लिए एक गेम-चेंजर है। यह पशुओं की सेहत और उत्पादकता पर रियल-टाइम जानकारी देता है। पशुपालन में टेक्नोलॉजी को जोड़कर हम यह पक्का कर रहे हैं कि हमारे डेयरी किसानों, खासकर हमारी मेहनती महिलाओं को सफल होने के लिए सबसे अच्छे टूल मिलें।</p></blockquote><p>इससे एक दिन पहले, इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि ने राजधानी दिल्ली में हुई AI इम्पैक्ट समिट को 'शानदार' बताया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन के साथ AI देश में आम आदमी, मजदूरों और किसानों को फायदा पहुंचाएगा।<br>&nbsp;</p><div type="dfp" position=4>Ad4</div><p>CEOs फोरम में बोलते हुए, नीलेकणि ने याद किया कि कैसे PM मोदी ने उन्हें खेती के अलावा डेयरी में भी AI का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया था। उन्होंने कहा</p><blockquote><p>PM मोदी ने हमसे कहा था, हम इसे गायों और मवेशियों पर क्यों नहीं लागू कर सकते? क्योंकि अगर गाय बीमार है, तो वह आपको बता नहीं सकती कि वह बीमार है। आप इस समस्या को कैसे हल कर सकते हैं? उन्होंने हमें खेती और डेयरी में AI लागू करने का अपना विजन दिया।<br>&nbsp;</p></blockquote><p>उन्होंने आगे बताया, "उसी दिन, PMO ने MeitY के कृष्णन और अभिषेक, अमूल और मेरे कुछ साथियों के साथ एक मीटिंग की। तीन हफ्तों के अंदर, यह एप्लीकेशन लाइव हो गया... यह 36 लाख किसानों, हर साल 2 अरब दूध के लेन-देन और 4 करोड़ मवेशियों के साथ दुनिया का सबसे बड़ा कोऑपरेटिव है। मेरे लिए, यह भारत में AI के तेजी से लागू होने का एक उदाहरण है।" (ANI)</p>