IPU Assembly 2026: तंजानिया में 153वीं आईपीयू असेंबली के दौरान राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने पाकिस्तान के झूठे प्रोपेगेंडा की हवा निकाल दी। उन्होंने साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इस मामले में इस्लामाबाद को बोलने का कोई हक नहीं है।

IPU Assembly Tanzania: भारत ने तंजानिया के अरुशा में चल रही इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (IPU) की 153वीं असेंबली में 'राइट टू रिप्लाई' का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के झूठे दावों और प्रोपेगेंडा की जमकर पोल खोली।

भारत ने पाकिस्तान के झूठे प्रोपेगेंडा को नकारा

हरिवंश ने अंतरराष्ट्रीय मंचों का गलत इस्तेमाल करने की पाकिस्तान की हरकतों पर निशाना साधते हुए कहा, "माननीय अध्यक्ष महोदय, हम एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा इस मंच पर राजनीति करने और उन मुद्दों को उठाने की निंदा करते हैं, जिनका इस बैठक से कोई लेना-देना नहीं है।"

उन्होंने इस्लामाबाद को उसकी औकात दिखाते हुए आगे कहा, "इस प्रतिनिधिमंडल की आदत हो गई है कि वह भारत के खिलाफ झूठे आरोप लगाए और प्रोपेगेंडा फैलाए। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग थे, हैं और हमेशा रहेंगे।"

हरिवंश ने पाकिस्तान के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए कहा, "किसी भी देश की बयानबाजी इस सच्चाई को नहीं बदल सकती कि जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय पूरी तरह से कानूनी और अटल है। भारत के आंतरिक मामलों में बोलने का पाकिस्तान का कोई अधिकार नहीं है। उल्टे, पाकिस्तान ने ही भारत के कुछ हिस्सों पर अवैध कब्जा कर रखा है, जिसे उसे तुरंत खाली करना चाहिए।"

जम्मू-कश्मीर में विकास की रफ्तार

उन्होंने भारत में हो रहे विकास और पाकिस्तान के दोहरे रवैये की तुलना करते हुए अपनी बात खत्म की। उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर के लोग विकास और लोकतंत्र के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। यह हाल ही में हुए चुनावों में भारी मतदान से साफ दिखता है। 2024 के आम चुनावों में 58.5% (जो पिछले 35 सालों में सबसे ज्यादा है) और विधानसभा चुनावों में 63% वोटिंग हुई। पिछले साल जम्मू-कश्मीर में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक भी पहुंचे।"

आतंकवाद पर भारत का सख्त रुख

भारत का सीमा पार से होने वाले आतंकवाद पर यह कड़ा रुख 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद और सख्त हुआ है। इस हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 निर्दोष लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। भारत ने इस दर्दनाक घटना के जवाब में 'ऑपरेशन सिंदूर' लॉन्च किया, जिसके तहत पाकिस्तान और पीओजेके (PoJK) में मौजूद आतंकी ठिकानों को तबाह किया गया। जब पाकिस्तान ने हालात बिगाड़ने की कोशिश की, तो भारत ने उसके एयरबेस पर भी हमले किए, जिससे उसे सीजफायर की भीख मांगनी पड़ी। वहीं, पहलगाम हमले में शामिल तीनों आतंकियों को सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 'ऑपरेशन महादेव' के तहत मार गिराया।

153वीं आईपीयू असेंबली में भारतीय प्रतिनिधिमंडल

हरिवंश 153वीं आईपीयू असेंबली और इससे जुड़ी बैठकों में हिस्सा लेने के लिए रविवार को एक उच्च स्तरीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ अरुशा पहुंचे।

राज्यसभा सचिवालय के मुताबिक, यह असेंबली दुनिया भर के सांसदों को एक मंच पर लाती है। इस बार की थीम "सभी के लिए समावेशिता, विश्वास और अवसरों के जरिए सुशासन को बढ़ाना और समुदायों को सशक्त बनाना" है।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल में हरिवंश के अलावा लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर, अपराजिता सारंगी, संजय जायसवाल, कमलजीत सहरावत, लता वानखेड़े, बिजुली कलिता मेधी, एन. के. प्रेमचंद्रन और राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा शामिल हैं।

सचिवालय ने बताया कि यह प्रतिनिधिमंडल आज के समय के अहम वैश्विक मुद्दों पर होने वाली कई बैठकों, पैनल चर्चाओं और वर्कशॉप में हिस्सा लेगा और भारत का पक्ष मजबूती से रखेगा।

राज्यसभा सचिवालय ने इस कूटनीतिक दौरे की अहमियत बताते हुए कहा, "भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी आईपीयू के साथ भारत के लगातार जुड़ाव को दिखाती है। यह वैश्विक शांति, विकास, लोकतंत्र और समुदायों को सशक्त बनाने जैसे मुद्दों पर संसदीय कूटनीति और आपसी सहयोग के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।"