Vinay Mohan Kwatra: अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने साफ कर दिया है कि भारत के लिए उसके 140 करोड़ नागरिकों की ऊर्जा सुरक्षा सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के मुकाबले भारत में प्रति व्यक्ति ऊर्जा की खपत दसवें हिस्से के बराबर है और इसे बढ़ाने का भारत को पूरा हक है।
China supports India stance: अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने रूस से तेल खरीदने के भारत के फैसले का मजबूती से बचाव किया है। क्वात्रा ने साफ कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता अपने लोगों को महंगाई से बचाना है। उन्होंने बताया कि ईंधन की कमी के चलते भारत कई जगहों से तेल आयात करता है। दरअसल, अमेरिकी संसद ने हाल ही में एक बिल पास किया है। इसके तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल गया है, जो रूस से तेल और गैस खरीदना जारी रखेंगे। इसी बिल के पास होने के बाद विनय मोहन क्वात्रा का यह बयान आया है।
राजदूत ने कहा कि अमेरिका की तुलना में भारत में प्रति व्यक्ति ऊर्जा की खपत सिर्फ दसवां हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को इसे बढ़ाने का पूरा अधिकार है। विनय मोहन क्वात्रा ने साफ किया कि 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। आपको बता दें कि भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल और करीब आधा प्राकृतिक गैस आयात करता है। क्वात्रा ने कहा कि बिना किसी रुकावट के और सही दाम पर लोगों तक ऊर्जा पहुंचाना सरकार की सबसे बड़ी राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।
जब दुनिया भर में सप्लाई का संकट पैदा हुआ था, तब भारत ने अपने लोगों को महंगाई से बचाने के लिए बिल्कुल सही फैसले लिए। उन्होंने याद दिलाया कि भारत के इन फैसलों ने ग्लोबल मार्केट को एक बड़े संकट से बचाने में मदद की। खास बात यह है कि चीन ने भी भारत के इस रुख का समर्थन किया है। चीनी विदेश मंत्रालय ने रूसी तेल पर टैरिफ लगाने के अमेरिकी कदम को खारिज कर दिया है। चीन ने साफ किया है कि उनका आयात उनके देश की ऊर्जा स्थिति और व्यापारिक हितों के हिसाब से तय होता है।
