Jammu And Kashmir Police: पहलगाम आतंकी हमले के चार आतंकियों की तस्वीरें सामने आई थीं। सुरक्षाबलों ने इनमें से दो को 'ऑपरेशन महादेव' में मार गिराया था। इसके बाद बडगाम एनकाउंटर में एक और आतंकी मारा गया था। अब आखिरी आतंकी का भी काम तमाम हो गया है।

Lashkar Terrorist Musa: जम्मू-कश्मीर के बडगाम में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का एक शीर्ष आतंकवादी मारा गया। सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, उसकी पहचान सुलैमान शाह उर्फ ‘मूसा’ के तौर पर हुई है। हालांकि, भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स ने अपनी शुरुआती आधिकारिक जानकारी में आतंकवादी का नाम सार्वजनिक नहीं किया था।

बडगाम में रातभर चला ऑपरेशन

सुरक्षाबलों को बडगाम के यूसमर्ग इलाके के कोराग क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया। संदिग्ध गतिविधि नजर आने के बाद सुरक्षाबलों ने आतंकियों को चुनौती दी, जिसके बाद गोलीबारी शुरू हो गई।

मुठभेड़ में मारा गया लश्कर कमांडर

गोलीबारी के दौरान सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया। अधिकारियों ने उसकी पहचान सुलैमान शाह उर्फ मूसा के रूप में की है। रिपोर्टों के मुताबिक, वह पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और जम्मू-कश्मीर के अलावा पीर पंजाल के दोनों तरफ कई आतंकी गतिविधियों में वांछित था।

पहले भी सुरक्षाबलों से बच निकला था मूसा

अधिकारियों के अनुसार, मूसा इससे पहले सितंबर की शुरुआत में यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई एक मुठभेड़ के दौरान बच निकलने में कामयाब रहा था। उस ऑपरेशन में उसका करीबी सहयोगी यासिर मारा गया था। इसके बाद भी सुरक्षाबल मूसा की तलाश में जुटे हुए थे।

सर्च ऑपरेशन अभी जारी

मूसा के मारे जाने के बाद भी इलाके में तलाशी अभियान जारी रखा गया। सुरक्षाबल यह सुनिश्चित करने के लिए आसपास के जंगल और संभावित ठिकानों की जांच कर रहे थे कि वहां कोई अन्य आतंकी मौजूद न हो। शुरुआती रिपोर्टों में ऑपरेशन के जारी रहने की जानकारी दी गई थी।

नोट: आपके मूल कॉपी में मूसा को “पहलगाम आतंकी हमले का आखिरी मास्टरमाइंड” बताया गया है, लेकिन उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में सुरक्षा अधिकारियों ने उसे कई हमलों में वांछित लश्कर आतंकी बताया है; भारतीय सेना की शुरुआती आधिकारिक सूचना में उसकी पहचान भी जारी नहीं की गई थी। इसलिए री-राइट में इस दावे को तथ्य के रूप में नहीं दोहराया गया है।