भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा 12 फरवरी को देशव्यापी प्रदर्शन करेगा। किसानों का आरोप है कि सरकार ने अमेरिकी दबाव में बाजार खोल दिए हैं। इस समझौते में दोनों देश आयातित सामानों पर टैक्स कम करेंगे।

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर संयुक्त किसान मोर्चा समेत कई संगठनों ने गुस्सा जताया है और 12 फरवरी को देश भर में प्रदर्शन का ऐलान किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतले जलाने का फैसला किया है।

किसानों के हितों की रक्षा का भरोसा

मोर्चा ने कहा, 'भारत सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा करने का भरोसा दिया है। लेकिन, इस समझौते ने अमेरिकी कृषि क्षेत्र के लिए हमारे बाजार खोल दिए हैं। सरकार अमेरिकी दबाव के आगे झुक गई है। इसलिए, हम 12 फरवरी को होने वाले प्रदर्शन का समर्थन करेंगे। साथ ही, हम एक अलग प्रदर्शन के लिए भी तारीख तय करेंगे।'

भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित अंतरिम व्यापार समझौता

भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित अंतरिम व्यापार समझौते का अंतिम ढांचा (फ्रेमवर्क) शनिवार को जारी किया गया। इसके मुताबिक, अमेरिका भारत से आयात होने वाले सामानों पर मौजूदा 50% टैक्स को घटाकर 18% करेगा, जबकि भारत अमेरिकी खाद्य, मशीनरी, और कृषि उत्पादों सहित कई उत्पादों के आयात पर टैक्स को पूरी तरह से खत्म या कम कर देगा। साथ ही, कुछ डेयरी और कृषि क्षेत्र के उत्पादों को छोड़कर, देश के कृषि और डेयरी क्षेत्र को अमेरिकी सामानों के प्रवेश से दूर रखा गया है। इस तरह देश के किसानों के हितों की रक्षा की गई है।

इस समझौते के असर से भारत के लिए 30 लाख करोड़ डॉलर (2700 लाख करोड़ रुपये) का अमेरिकी बाजार खुल जाएगा, वहीं भारत ने अमेरिका से 45 लाख करोड़ रुपये के सामान खरीदने का भरोसा दिया है। यह समझौता भारत के कृषि क्षेत्र को इससे बाहर रखकर किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति के दफ्तर से भारतीय सामानों पर टैक्स कटौती को 7 फरवरी से ही लागू करने का आदेश जारी किया गया है।