अमेरिका के सख्त H1B वीज़ा नियमों से भारतीय पेशेवर परेशान हैं। एक वायरल कहानी में, एक व्यक्ति पिता के निधन पर भी भारत आने से डर रहा है। उसे वीज़ा स्टैम्प न होने और नौकरी जाने के कारण वापस अमेरिका न लौट पाने की चिंता है।
अमेरिका में H1B वीज़ा को लेकर सख्त नियमों की वजह से वहां काम कर रहे भारतीय पेशेवर काफी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। कई लोगों ने बताया है कि भारत आने के बाद उन्हें वापस जाने के लिए वीज़ा मिलने में या तो बहुत देर हो रही है या फिर उनका आवेदन खारिज कर दिया जा रहा है। इसी बीच, एक भारतीय की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है, जो अपने पिता के निधन के बाद भी भारत आने से डर रहा है।

'आज सुबह उसके पिता का निधन हो गया'
इस शख्स की दुविधा को बताने वाले एक मैसेज का स्क्रीनशॉट इंस्टाग्राम पर @america_nri_la_frustration नाम के अकाउंट से शेयर किया गया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। पोस्ट के मुताबिक, यह शख्स इस बात को लेकर परेशान है कि अगर वह अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए भारत गया, तो शायद वापस अमेरिका नहीं लौट पाएगा। पोस्ट में लिखा है, "मेरा एक दोस्त बहुत मुश्किल हालात से गुज़र रहा है। आज सुबह उसके पिता का निधन हो गया और वह फैसला नहीं कर पा रहा है कि भारत जाए या नहीं।"
पोस्ट में आगे बताया गया है कि उसकी पत्नी और बच्चा अमेरिका में ही हैं, लेकिन उसके पास फिलहाल कोई वैलिड वीज़ा स्टैम्प नहीं है। इतना ही नहीं, उसे हाल ही में बताया गया था कि उसकी नौकरी भी जल्द ही खत्म होने वाली है, जो शायद इसी महीने खत्म हो जाएगी। इन सब वजहों से उसे डर है कि अगर वह भारत आया तो लंबे समय के लिए यहीं फंस सकता है। पोस्ट के आखिर में उन लोगों से सलाह मांगी गई है जो ऐसे ही हालात से गुज़र चुके हैं।
लोगों ने दी तरह-तरह की राय
यह पोस्ट वायरल होते ही इस पर एक बड़ी बहस छिड़ गई। कई लोगों ने उस शख्स के प्रति सहानुभूति जताई। कुछ ने उसे भारत जाने की सलाह दी, तो कुछ ने चेताया कि अगर वह गया तो वापस नहीं आ पाएगा।
एक यूजर ने लिखा, "कोई भी नौकरी, वीज़ा या इमिग्रेशन स्टेटस इतना ज़रूरी नहीं हो सकता कि आप अपने किसी प्रियजन के आखिरी पलों में उसके साथ न हों। पिता की जगह कोई नहीं ले सकता।" एक और शख्स ने अपना अनुभव साझा करते हुए लिखा, "आठ साल पहले मैं भी इसी स्थिति में था। मैंने सब कुछ छोड़कर अपने पिता के पास जाना चुना, जिन्होंने मुझे पाला-पोसा।" वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा कि कोविड के दौरान वह अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाया था, जिसका दुख उसे आज भी है।
हालांकि, कुछ लोगों ने प्रैक्टिकल सलाह भी दी। एक यूजर ने लिखा, “मेरी राय में आपको भविष्य के बारे में सोचना चाहिए। जो चला गया, वो चला गया। उन्हें देखने का सही समय तब था जब वे जीवित थे। अब जाकर कोई फायदा नहीं।”
