Israel Election Exit Poll में बेंजामिन नेतन्याहू के गुट को विपक्ष से मामूली बढ़त मिली है। लिकुड सबसे बड़ी पार्टी रह सकती है, लेकिन बहुमत दूर है। अरब दलों के मजबूत प्रदर्शन से सरकार बनाने में उनकी भूमिका अहम हो सकती है।
Israel Election: 7 अक्टूबर 2023 के हमलों और उसके बाद क्षेत्रीय युद्ध के साये में हुए इजराइल के आम चुनाव में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है। शुरुआती एग्जिट पोल ने बेंजामिन नेतन्याहू के लिए बड़ा झटका दिखाया है। 120 सदस्यीय इजरायली संसद में किसी भी गुट को बहुमत मिलता नजर नहीं आ रहा। शुरुआती अनुमानों में विपक्षी गुट को 52-53 सीटें, जबकि नेतन्याहू के गठबंधन को करीब 50 सीटें मिलने का अनुमान है। हालांकि, उनकी लिकुड पार्टी 24-25 सीटों के साथ सबसे बड़ी एकल पार्टी बनी रह सकती है। ऐसे में सरकार बनाने के लिए आने वाले दिनों में लंबी गठबंधन बातचीत तय मानी जा रही है।
Israel Elections Exit Poll: विपक्षी गठबंधन को बढ़त, लेकिन आंकड़े तय करेंगे किस्मत
इजराइल के प्रमुख टीवी चैनलों (चैनल 11, 12 और 13) के एग्जिट पोल के मुताबिक:
- विपक्षी गुट: पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइसेनकोट के नेतृत्व वाले सेंटर-राइट गठबंधन को 52 से 53 सीटें मिलने का अनुमान है।
- नेतन्याहू गुट: सत्ताधारी गठबंधन को करीब 50 सीटों पर सिमटते हुए दिखाया गया है।
- लिकुड पार्टी: नेतन्याहू की अपनी पार्टी 'लिकुड' 24-25 सीटों के साथ संसद (नेसेट) में सबसे बड़ी एकल पार्टी बनी रह सकती है।
Arab Voters Impact: अरब मतदाताओं की रिकॉर्ड हिस्सेदारी ने बदला गणित
इस बार चुनाव में इजराइली अरब पार्टियों का प्रदर्शन काफी अहम साबित हो रहा है। एग्जिट पोल के मुताबिक, दो प्रमुख अरब सूचियों को 17 से 18 सीटें मिल सकती हैं, जो पिछली बार (10 सीटें) के मुकाबले काफी ज्यादा है। 'यूनाइटेड अरब लिस्ट' के प्रमुख मंसूर अब्बास अगली सरकार बनाने में बड़ा रोल निभा सकते हैं।
Netanyahu के सामने Arab Vote की चुनौती
- चुनाव के दौरान नेतन्याहू ने इजरायली अरब मतदाताओं के बढ़ते प्रभाव को लेकर लगातार हमला बोला।
- उन्होंने आरोप लगाया कि अरब मतदाता बड़ी संख्या में मतदान कर चुनाव का रुख बदलने की कोशिश कर रहे हैं।
- विपक्ष ने इसे डर और ध्रुवीकरण की राजनीति बताया।
- शुरुआती एग्जिट पोल में दो अरब सूचियों को कुल 17-18 सीटें मिलने का अनुमान है।
- 2022 के चुनाव में इन दलों को सिर्फ 10 सीटें मिली थीं।
- यूनाइटेड अरब लिस्ट के नेता मंसूर अब्बास ने नेतन्याहू पर अपने समर्थकों को भड़काने का आरोप लगाया।
Political Battle: पोलिंग के दौरान बढ़ा तनाव और आरोप-प्रत्यारोप
चुनाव के दिन मतदान केंद्रों से लेकर बयानों तक काफी गहमागहमी देखने को मिली:
- वोटिंग का समय बढ़ाने की मांग: लिकुड पार्टी ने रात 10 बजे के बाद वोटिंग समय बढ़ाने की अपील की, जिसे चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया।
- नेतन्याहू के आरोप: नेतन्याहू ने अरब मतदाताओं पर "चुनाव चुराने" का आरोप लगाया और समर्थकों से वोट डालने की अपील की।
- विपक्ष का पलटवार: आइसेनकोट और विपक्षी नेताओं ने नेतन्याहू पर डर का माहौल बनाने और चुनाव नतीजों को चुनौती देने का आधार तैयार करने का आरोप लगाया।
- सुरक्षा संबंधी घटना: तेल अवीव में वामपंथी पार्टी के नेता यायर गोलान को निशाना बनाने की कोशिश में चाकू लिए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।
लगभग 73 लाख मतदाताओं वाले इस देश में करीब 75% तक मतदान हुआ, जिसे दशकों में सबसे अधिक माना जा रहा है। गाजा युद्ध, भ्रष्टाचार के आरोप और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच हुआ यह चुनाव तय करेगा कि नेतन्याहू का 19 साल का दौर जारी रहेगा या देश को नया नेतृत्व मिलेगा।






