इजरायल चुनाव की वोटों की गिनती अभी चल रही है। वहां त्रिशंकु संसद बनने के पूरे आसार हैं। बेंजामिन नेतन्याहू और विपक्षी नेता गादी आइजनकोट, दोनों ही बहुमत से दूर हैं। अरब पार्टियों के सपोर्ट से आइजनकोट नई सरकार बना सकते हैं।
Israel election results 2026: इजरायल में 120 सीटों वाली संसद के चुनाव की मतगणना के बीच सियासी तस्वीर दिलचस्प हो गई है। शुरुआती रुझानों में किसी भी गुट को स्पष्ट बहुमत मिलता नजर नहीं आ रहा है। मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का गठबंधन 53 सीटों पर आगे बताया जा रहा है, जबकि विपक्षी गठबंधन 48 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वहीं, अरब पार्टियों को भी अच्छी बढ़त मिलने की खबर है। ऐसे में इजरायल में त्रिशंकु संसद बनने की संभावना जताई जा रही है।
सरकार बनाने के लिए किसी भी गठबंधन को 120 सदस्यीय संसद में कम से कम 61 सीटों की जरूरत होगी। फिलहाल नेतन्याहू और विपक्षी खेमे, दोनों ही बहुमत के आंकड़े से पीछे हैं। यदि विपक्षी गठबंधन को अरब पार्टियों का समर्थन मिल जाता है, तो सत्ता का समीकरण बदल सकता है। हालांकि, अंतिम नतीजों और संभावित गठबंधन को लेकर स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है।
93 फीसदी वोटों की गिनती पूरी, बहुमत से दूर दोनों खेमे
इजरायल में अब तक करीब 93 फीसदी वोटों की गिनती पूरी होने की जानकारी सामने आई है। मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, नेतन्याहू का गठबंधन 53 सीटों के साथ आगे है, जबकि विपक्षी गठबंधन को 48 सीटें मिलने का अनुमान है। दोनों ही बहुमत के लिए जरूरी 61 सीटों के आंकड़े से पीछे हैं।
दूसरी ओर, अरब पार्टियों की सीटें सरकार गठन में अहम भूमिका निभा सकती हैं। यदि विपक्षी गठबंधन को उनका समर्थन मिलता है, तो वह बहुमत के आंकड़े तक पहुंच सकता है। हालांकि, केवल सीटों की संख्या के आधार पर सरकार बनना तय नहीं है। इसके लिए गठबंधन सहयोगियों की सहमति और राजनीतिक समर्थन भी जरूरी होगा।
इजरायल चुनाव पर डोनाल्ड ट्रंप का बयान, नेतन्याहू का किया समर्थन
इजरायल के चुनावी नतीजों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी चर्चा में है। ट्रंप ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक नेतन्याहू चुनाव में आगे चल रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अमेरिकी समाचार वेबसाइट एक्सियोस (Axios) से बातचीत में संकेत दिया कि उनके समर्थन से नेतन्याहू को चुनाव में फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में नेतन्याहू के प्रदर्शन को लेकर नकारात्मक खबरें आ रही थीं, लेकिन बाद के अपडेट में उनकी स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है।
इससे पहले ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर भी नेतन्याहू के प्रदर्शन की तारीफ की थी। उनके बयान से इजरायल के चुनाव में अमेरिकी राष्ट्रपति की दिलचस्पी और नेतन्याहू के साथ उनके राजनीतिक संबंधों की चर्चा तेज हो गई है।
बचे हुए वोट बदल सकते हैं सीटों का गणित
मतगणना के दौरान सैनिकों, राजनयिकों और कैदियों के वोटों पर भी नजर बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, इन वोटों की गिनती से पार्टियों की सीटों के आंकड़ों में बदलाव हो सकता है। हालांकि, इसका अंतिम परिणाम पर कितना असर पड़ेगा, यह स्पष्ट नहीं है।
फिलहाल नेतन्याहू का गठबंधन सबसे आगे बताया जा रहा है, लेकिन बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े तक नहीं पहुंचा है। दूसरी तरफ, विपक्षी गठबंधन के लिए अरब पार्टियों का समर्थन सत्ता तक पहुंचने का रास्ता खोल सकता है। ऐसे में इजरायल की अगली सरकार का फैसला अंतिम नतीजों और चुनाव के बाद होने वाली गठबंधन की बातचीत पर निर्भर करेगा।




