ISRO ने गगनयान मिशन का दूसरा एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-02) सफलतापूर्वक पूरा किया। श्रीहरिकोटा में, क्रू मॉड्यूल को 3 km की ऊंचाई से गिराकर पैराशूट प्रणाली का परीक्षण किया गया। यह भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन की तैयारी में एक अहम कदम है।

नई दिल्ली: भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन 'गगनयान' की तैयारी में ISRO ने एक और अहम पड़ाव पार कर लिया है। ISRO ने मिशन का दूसरा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT) कामयाबी से पूरा किया। यह टेस्ट श्रीहरिकोटा में किया गया। PSLV मिशन की एक नाकामी के बाद यह पहला बड़ा मिशन था। इस कामयाबी की जानकारी केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ। जितेंद्र सिंह ने दी। ISRO ने आज सुबह हुए इस टेस्ट के वीडियो भी जारी किए हैं।

डॉ। जितेंद्र सिंह ने ट्वीट कर लिखा, 'अगले साल होने वाले भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान के लिए दूसरे इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-02) को सफलतापूर्वक पूरा करने पर ISRO को बधाई। यह दूसरा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट सतीश धवन स्पेस स्टेशन, श्रीहरिकोटा में सफलतापूर्वक किया गया। यह गगनयान मिशन की तैयारियों में एक अहम मील का पत्थर है।'

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इस टेस्ट में क्रू मॉड्यूल के एक मॉडल को हेलिकॉप्टर से नीचे गिराया गया। 5।7 टन वजनी इस मॉड्यूल को 3 किलोमीटर की ऊंचाई से नीचे छोड़ा गया। इस टेस्ट के लिए वायुसेना के चिनूक हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल हुआ। टेस्ट के दौरान मॉड्यूल सुरक्षित तरीके से समुद्र में उतरा। इसके बाद, नौसेना की एक खास टीम ने मॉड्यूल को समुद्र से बाहर निकाला। देश को जिस गगनयान मिशन का बेसब्री से इंतजार है, उसकी तैयारी में यह एक बहुत अहम टेस्ट था। इस दौरान ISRO के वैज्ञानिकों ने चार कैटेगरी के 10 पैराशूट के काम करने के तरीके को परखा।