CJP Protest Jantar Mantar Parliament Chalo March : दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद तक चल रहे मार्च के बीच CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल खत्म कर दी है। बताया जा रहा है कि दिपके ने यह फैसला सोनम वांगचुक के कहने पर किया।
Jantar Mantar live News : एक तरफ दिल्ली के जतंर-मंतर से लेकर संसद तक कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन जारी है। इसी बीच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपना अनिश्चितकालीन अनशन खत्म कर दिया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने यह फैसला एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के कहने पर लिया है। जो कि इस समय सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं। अब लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर अभिजीत की भूख हड़ताल खत्म कराने के लिए वांगचुक की क्या प्लानिंग है। वह आगे क्या करने वाले हैं?
सोनम वांगचुक की क्या है प्लानिंग?
बता दें कि दिपके का हड़ताल टूट गई है, लेकिन सोनम वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी उनकी भूख हड़ताल जारी है। उनका स्ट्राइक का यह 23वां दिन है। वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर कहा, अपनी सेहत को स्थिर बताते हुए कहा कि वह CJP संस्थापक अभिजीत दिपके और दूसरे कार्यकर्ताओं के 'संसद चलो' मार्च में शामिल होना चाहते हैं।
कैसी है सोनम वांगचुक की हालत?
- वांगचुक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अपने ऑफिशियल X हैंडल पर शेयर किए एक नोट में वांगचुक ने लिखा , "मैं यह बताना चाहता हूं कि आज मैं काफी ठीक महसूस कर रहा हूं और मेरे हेल्थ पैरामीटर भी काफी सामान्य दिख रहे हैं। इसलिए, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया मुझे अस्पताल छोड़ने की अनुमति दें, भले ही अस्थायी रूप से, ताकि मैं आज सुबह संसद मार्च - संसद चलो में शामिल हो सकूं। मैं आपका बहुत आभारी रहूंगा।"
- इससे पहले, संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। यह प्रदर्शन जंतर-मंतर से शुरू हुआ था, जिसके कारण राजधानी में भारी ट्रैफिक जाम लग गया। बढ़ती भीड़ को काबू करने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे।
CJP के प्रतिनिधि सौरव दास जेपी नड्डा से मिलने गए
- दरअसल, अभिजीत दिपके ने यह अनशन तब शुरू किया था, जब 18 जुलाई को सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। वांगचुक खुद 21 दिनों से भूख हड़ताल पर थे, जिसके बाद उन्हें मेडिकल मदद की जरूरत पड़ी। उधर, CJP के प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रांका सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिलने के लिए रवाना हुए। इस दौरान जंतर-मंतर पर पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक परीक्षा सुधारों की अपनी मांगों को लेकर जुटे रहे।
- सौरव दास ने अपने ऑफिशियल X हैंडल पर अपडेट शेयर करते हुए बताया कि सरकार ने सुबह बातचीत के लिए संपर्क किया था। दास ने लिखा, “अभी 11:52 बजे हैं। मैं और आशुतोष रांका, कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से जे.पी. नड्डा से मिलने जा रहे हैं। सरकार ने सुबह बातचीत के लिए बुलाया था। हमारी मांगें साफ हैं। बड़ी संख्या में युवा इकट्ठा हुए हैं। हम जीतेंगे!”
- उन्होंने कहा कि प्रशासन की तरफ से बातचीत की पहल देर से हुई, लेकिन वे शिक्षा व्यवस्था को लेकर बने गतिरोध को सुलझाने के लिए चर्चा को तैयार हैं। दास ने यह भी दावा किया कि बातचीत की कोशिश के बावजूद प्रशासन की तरफ से कोई साफ रुख नहीं दिखाया गया है। उन्होंने कहा, "अब गेंद उनके पाले में है।"

