JPSC Row: रांची में JPSC के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांगते गिरफ्तार हो गए हैं। CID ने उनसे चार बार पूछताछ के बाद यह कार्रवाई की। वहीं JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का 17वें दिन भी प्रदर्शन जारी है और छात्र CBI जांच की मांग पर अड़े हैं।
रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांगते को सीआईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले जांच एजेंसी उनसे चार बार लंबी पूछताछ कर चुकी थी। हर बार पूछताछ करीब आठ घंटे तक चली थी। अब गिरफ्तारी के बाद छात्रों का आंदोलन और तेज होने के संकेत हैं।
छात्र लंबे समय से परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की स्वतंत्र जांच और परीक्षा प्रक्रिया में बड़े सुधार की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें राज्य की जांच एजेंसियों की जांच पर भरोसा नहीं है और पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए।
चार बार पूछताछ के बाद JPSC के पूर्व चेयरमैन गिरफ्तार
एल ख्यांगते ने परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों के बीच JPSC चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद झारखंड CID ने उनसे कई दौर में पूछताछ की। जानकारी के मुताबिक, एजेंसी ने उनसे चार बार पूछताछ की और प्रत्येक पूछताछ करीब आठ घंटे तक चली।
अब CID ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यानी परीक्षा विवाद की जांच अब एक से ज्यादा एजेंसियों के स्तर पर आगे बढ़ रही है।
हालांकि, किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी अपने आप में आरोप साबित होने के बराबर नहीं होती। जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान सामने आने वाले सबूत इस मामले की दिशा तय करेंगे।
यह भी पढ़ें: JPSC-JSSC Protest: वाटर कैनन से नहीं माने छात्र तो चलीं लाठियां, फिर आंसू गैस- WATCH
विधानसभा मार्च में बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का किया इस्तेमाल
सोमवार को प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुराने विधानसभा भवन से नए विधानसभा भवन की ओर मार्च शुरू किया। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुए इस मार्च के दौरान छात्रों ने कई बैरिकेड्स पार किए।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद छात्र आगे बढ़ते रहे। जब वे विधानसभा के करीब पहुंचे और अंतिम बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अब तक किसी प्रदर्शनकारी या पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है। छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन अपनी मांगों को लेकर है और वे परीक्षा प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच चाहते हैं।
17 दिन से आंदोलन, सरकार और छात्रों के दावे अलग
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार 17वें दिन भी जारी है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों को खराब मौसम का भी सामना करना पड़ा। पुलिस द्वारा उनका टेंट हटाए जाने के बावजूद छात्रों ने आंदोलन जारी रखा।
राज्य सरकार की ओर से छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई अंतिम समाधान नहीं निकल पाया है। सरकार का दावा है कि छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें मान ली गई हैं। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी इस दावे को खारिज कर रहे हैं।
छात्रों की प्रमुख मांगों में JSSC-CGL परीक्षा समेत संबंधित परीक्षाओं की स्वतंत्र और पूरी सीबीआई जांच, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और JPSC-JSSC की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार शामिल हैं।
एल ख्यांगते की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में जांच की दिशा और छात्रों के आंदोलन—दोनों पर नजर रहेगी। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच कोई रास्ता निकलता है या आंदोलन आगे भी जारी रहता है।
यह भी पढ़ें: दिल्ली की बेटियों के लिए खुला खजाना! जानिए क्या है Vidya Vahini Yojana?
