Kanpur Waterlogging: कानपुर के गोविंद नगर में बारिश के बाद सड़कें जलमग्न हो गईं। जलभराव के विरोध में कांग्रेस नेता विकास अवस्थी और प्रभाकर पांडे ने नाव चलाकर प्रशासन पर तंज कसा। कांग्रेस ने स्मार्ट सिटी के दावों और जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए।
कानपुर को स्मार्ट सिटी का तमगा मिला है, लेकिन बारिश के बाद गोविंद नगर की तस्वीर इस दावे पर सवाल खड़े करती नजर आई। सड़क पर पानी इतना जमा हुआ कि कांग्रेस नेताओं ने विरोध दर्ज कराने के लिए उसी जलभराव के बीच नाव चला दी। प्रदर्शन के जरिए संदेश साफ था—जब सड़क पर गाड़ियां नहीं चल पा रहीं, तो शायद नाव ही काम आएगी।
गोविंद नगर में जलभराव पर कांग्रेस का प्रदर्शन
गोविंद नगर में बारिश के बाद हुए जलभराव को लेकर कांग्रेस नेता विकास अवस्थी और प्रभाकर पांडे ने अनोखे अंदाज में विरोध जताया। दोनों नेताओं ने जलभराव वाली सड़क पर नाव चलाकर नगर निगम और प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता विकास अवस्थी का दावा है कि गोविंद नगर में करीब दस वर्षों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। उनका सवाल है कि इतने लंबे समय में करोड़ों रुपये के विकास कार्य और स्मार्ट सिटी से जुड़े दावों के बावजूद लोगों को हर बारिश में इसी परेशानी का सामना क्यों करना पड़ रहा है?
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हर साल दावे, फिर भी सड़क पर पानी
बारिश के मौसम में कानपुर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आती रही है। नगर निगम और महापौर की ओर से जलनिकासी व्यवस्था बेहतर करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन गोविंद नगर में सड़क पर जमा पानी इन दावों की जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों के लिए जलभराव सिर्फ सड़क पर पानी भरने की समस्या नहीं है। इससे आवाजाही प्रभावित होती है और रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ता है। ऐसे में सवाल यह है कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कब होगा?
स्मार्ट सिटी से ‘स्विमिंग सिटी’ तक?
कानपुर को स्मार्ट सिटी बनाने के नाम पर आधुनिक सुविधाओं और बेहतर बुनियादी ढांचे का सपना दिखाया गया था। लेकिन बारिश के बाद जब सड़कें पानी में डूबती हैं, तो स्मार्ट सिटी की तस्वीर पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब देखने वाली बात यह होगी कि कांग्रेस के इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन जलभराव की समस्या को लेकर क्या कदम उठाता है। क्या अगली बारिश से पहले गोविंद नगर को जलभराव से राहत मिलेगी या फिर लोगों को सड़क पर पानी के बीच नाव चलती ही दिखाई देगी?
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