कर्नाटक बजट 2026-27 में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध का ऐलान हुआ। बेंगलुरु में AI पार्क और 40,000 करोड़ के दो कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली। बजट में बाढ़ प्रबंधन और तेंदुए पुनर्वास केंद्र भी शामिल हैं।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को विधानसभा में 2026-27 का राज्य बजट पेश करते हुए एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पाबंदी लगाई जाएगी। अपने बजट भाषण के दौरान सिद्धारमैया ने बताया कि यह कदम बच्चों में बढ़ते मोबाइल इस्तेमाल के बुरे असर को रोकने के लिए उठाया जा रहा है।

AI और टेक्नोलॉजी पर ज़ोर

उन्होंने यह भी घोषणा की कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) के तहत एक AI और टेक्नोलॉजी पार्क बनाया जाएगा। यह पार्क इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन (ISRO) और कर्नाटक स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ मिलकर "बैंगलोर रोबोटिक्स एंड AI इनोवेशन ज़ोन" नाम से एक रोबोटिक्स और AI कैंपस स्थापित करेगा।

बेंगलुरु के इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी रफ़्तार

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि बेंगलुरु में दो बड़े कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। पहला, हेब्बल जंक्शन से HSR लेआउट-सिल्क बोर्ड जंक्शन तक नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर और दूसरा, के. आर. पुरम से मैसूर रोड तक ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर। इन दोनों की कुल लंबाई 40 किलोमीटर होगी और इन पर करीब 40,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन्हें BOOT मॉडल के तहत बनाया जाएगा। पहले फेज़ में 17 किलोमीटर लंबे नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के लिए 17,780 करोड़ रुपये का टेंडर भी जारी कर दिया गया है।

सिद्धारमैया ने यह भी ऐलान किया कि बैंगलोर डेवलपमेंट अथॉरिटी (BDA) 2,250 करोड़ रुपये की लागत से हेब्बल जंक्शन से मेखरी सर्कल तक एक टनल रोड और एक एलिवेटेड रोड का निर्माण करेगी।

बजट की बड़ी बातें और आर्थिक असर

कर्नाटक का कुल बजट 4,48,004 करोड़ रुपये का है। इसमें टेक्नोलॉजी पर आधारित विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण को टिकाऊ बनाने पर खास ध्यान दिया गया है। बजट पेश करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक देश और दुनिया के व्यापार में एक खास भूमिका निभाता है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में हो रहे तेज बदलाव ग्लोबल प्रोडक्शन सिस्टम को बदल रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि साइंस और टेक्नोलॉजी में हो रहे नए आविष्कार राज्य की तरक्की की दिशा तय कर रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह बजट "आग को रोशनी में बदलने" के संकल्प के साथ जिम्मेदारी और दूरदर्शिता से पेश किया गया है।

GST दरों में बदलाव का असर

मुख्यमंत्री ने सितंबर 2025 में GST दरों में किए गए बदलावों के असर पर भी बात की। उन्होंने कहा कि इन बदलावों से राज्य के GST कलेक्शन में कमी आई है। बदलाव से पहले, 2025-26 में कर्नाटक की औसत मासिक GST रेवेन्यू ग्रोथ (रिफंड के बाद) लगभग 10 प्रतिशत थी। लेकिन, नई दरें लागू होने के बाद यह ग्रोथ तेजी से घटकर करीब 4 प्रतिशत रह गई है। इस बदलाव से मौजूदा वित्तीय वर्ष में GST कलेक्शन में लगभग 10,000 करोड़ रुपये और अगले साल 15,000 करोड़ रुपये की कमी आने की आशंका है।

कर्नाटक बजट के अन्य बड़े ऐलान

AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

बड़े ऐलानों में सिद्धारमैया ने कहा कि बेंगलुरु में एक अत्याधुनिक AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के मकसद से दो केंद्र स्थापित किए जाएंगे। ये केंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ बायोइनफॉरमैटिक्स एंड एप्लाइड बायोटेक्नोलॉजी, सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर प्लेटफॉर्म्स और NASSCOM के साथ मिलकर बनाए जाएंगे, जिन पर कुल 16 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

तेंदुआ पुनर्वास केंद्र

उन्होंने यह भी घोषणा की कि बन्नेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क में एक तेंदुआ पुनर्वास केंद्र बनाया जाएगा। यहां बेंगलुरु के बाहरी रिहायशी इलाकों से पकड़े गए तेंदुओं को रखा जाएगा। इस पर करीब 5 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

बेंगलुरु में बाढ़ से निपटने की तैयारी

वर्ल्ड बैंक की मदद से चल रहे कर्नाटक वॉटर सिक्योरिटी एंड रेजिलिएंस प्रोग्राम (KWSRP) के तहत, बेंगलुरु में बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए 5,000 करोड़ रुपये के आपदा प्रबंधन प्रोजेक्ट्स पर अगले पांच सालों में काम किया जाएगा।

आबकारी विभाग में सुधार

सिद्धारमैया ने यह भी बताया कि आबकारी विभाग के संशोधित ट्रांसफर नियमों के मुताबिक, पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ग्रुप-C कैडर के अधिकारियों, जैसे एक्साइज इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल के ट्रांसफर डिजिटल काउंसलिंग के जरिए किए गए हैं। सरकार अब एक्साइज डिप्टी सुपरिटेंडेंट और एक्साइज सुपरिटेंडेंट के ट्रांसफर के लिए भी डिजिटल काउंसलिंग का इस्तेमाल करेगी।

(हेडलाइन को छोड़कर, यह कहानी एशियानेट न्यूज स्टाफ द्वारा संपादित नहीं की गई है और एक सिंडिकेटेड फ़ीड से प्रकाशित हुई है।)