कर्नाटक में सप्लाई घटने से मांस महंगा हो गया है। चिकन का दाम ₹340/किलो और मटन का ₹900/किलो तक पहुंच गया है। इस महंगाई के कारण रेस्टोरेंट्स में भी नॉन-वेज डिशेज के दाम बढ़ गए हैं।

बेंगलुरु. नॉन-वेज खाने वालों को एक बड़ा झटका लगा है। राज्य में चिकन, भेड़ और बकरे समेत सभी तरह के मांस की कीमतें बढ़ गई हैं। सप्लाई में कमी और उत्पादन में गिरावट के कारण कर्नाटक में चिकन के दाम आसमान छू रहे हैं। जो चिकन पहले 200 रुपये किलो मिलता था, वह अब अचानक 300 से 340 रुपये प्रति किलो हो गया है। इस महंगाई से नॉन-वेज प्रेमी परेशान हैं।

चिकन की कीमत जहां 340 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, वहीं बेंगलुरु में भेड़ और बकरे का मांस 800 से 900 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। रोज मांस खाने वाले लोग इन बढ़े हुए दामों से हैरान हैं। दूसरी तरफ, जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों के कारण नॉन-वेज खाने वालों के लिए एक वक्त का खाना भी महंगा होता जा रहा है।

रेस्टोरेंट्स में भी महंगा हुआ नॉन-वेज खाना

चिकन और मटन के दाम बढ़ने से होटलों और रेस्टोरेंट्स में भी कबाब, चिकन फ्राई, मटन सूप जैसे नॉन-वेज डिशेज के दाम बढ़ गए हैं। इस महंगाई की मार अब होटलों पर भी पड़ रही है।

'व्यापार पर ज्यादा असर नहीं पड़ा' - दुकानदार

दुकानदारों का कहना है कि दाम बढ़ने के बावजूद लोग चिकन खाना नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने बताया कि कीमत बढ़ने से व्यापार पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। फिलहाल, बिक्री में सिर्फ 10% की गिरावट आई है। एक दुकानदार ने कहा, ‘मछली और मटन के रेट पहले से ही ज्यादा हैं, इसलिए चिकन के व्यापार पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। चिकन खाने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है, दाम बढ़ने पर भी वे इसे खरीदेंगे।’