बेंगलुरु में किराए के विवाद को लेकर 22 वर्षीय भांजे ने अपने 55 वर्षीय मामा की हत्या कर दी। उसने इसे हादसा बताने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने पोस्टमॉर्टम से सच उजागर कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
बेंगलुरु: घर के किराए को लेकर हुए विवाद में एक भांजे ने अपने ही मामा की हत्या कर दी। इसके बाद उसने झूठी कहानी गढ़कर इसे एक हादसा बताने की कोशिश की और अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगा। लेकिन विवेकनगर थाने की पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। मृतक की पहचान ऑस्टिन टाउन के रहने वाले 55 साल के इनायत पाशा के रूप में हुई है। इस हत्या के आरोप में पुलिस ने मृतक की बहन के बेटे 22 साल के मसरूर अहमद को गिरफ्तार किया है।
मौत के पीछे का सच
चार दिन पहले, घर के किराए को लेकर पाशा और मसरूर के बीच झगड़ा हुआ था, जो काफी बढ़ गया। गुस्से में आकर मसरूर ने पाशा पर बुरी तरह हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद उसने कहा कि पाशा गिरकर मर गए। लेकिन एक स्थानीय निवासी ने विवेकनगर पुलिस को फोन कर इस घटना की जानकारी दी। तुरंत इंस्पेक्टर वीरेश की टीम मौके पर पहुंची और शव को अंतिम संस्कार से रोककर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत के पीछे का सच सामने आ गया।
ऑस्टिन टाउन में मसरूर के परिवार की दो मंजिला इमारत है। इसके निचले हिस्से के घर में पिछले 11 सालों से उनके मामा इनायत पाशा रह रहे थे। शुरुआत में उन्होंने 3 लाख रुपये में घर लीज पर लिया था। लीज की अवधि खत्म होने के बाद भी वह बिना किराया दिए उसी घर में रह रहे थे।
पाशा पेशे से मैकेनिक थे और अपनी पत्नी से अलग रहते थे। हाल ही में घर के किराए को लेकर रिश्तेदारों के बीच मनमुटाव चल रहा था। मसरूर बार-बार पाशा से घर खाली करने को कह रहा था, लेकिन वह सुन नहीं रहे थे। इस बात पर अक्सर झगड़े भी होते थे। इसी तरह, 1 मार्च को शाम करीब 4:30 बजे मसरूर, पाशा के घर गया और उन्हें घर खाली करने को कहा। उसने गाली-गलौज भी की। उस वक्त पाशा ने शराब पी रखी थी और उन्होंने भी पलटकर जवाब दिया। देखते ही देखते बात बढ़ गई और झगड़ा हाथपाई तक पहुंच गया।
जिम जाकर बॉडी बना चुका था मसरूर
मसरूर जिम जाता था और उसकी बॉडी काफी मजबूत थी। उसने पाशा को नीचे गिरा दिया और पैरों से बुरी तरह कुचलकर उन पर हमला किया। इस हमले में पाशा ने दम तोड़ दिया। इसके बाद मसरूर ने रिश्तेदारों से झूठ बोला कि पाशा गलती से गिरकर मर गए और अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगा। तभी एक स्थानीय निवासी ने इंस्पेक्टर वीरेश को फोन कर झगड़े की जानकारी दे दी।
शिकायत दर्ज कराने में हिचकिचाहट
पुलिस के मौके पर पहुंचने पर मृतक के रिश्तेदारों ने झगड़े की बात से इनकार कर दिया। वे इस बारे में कोई शिकायत भी दर्ज नहीं कराना चाहते थे। आखिर में पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने पुष्टि की कि पाशा की मौत हमले की वजह से हुई है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया और बिना समय गंवाए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि मसरूर एचएसआर लेआउट के पास एक निजी कंपनी में काम करता था। गुस्से में आकर उसने ऐसा कदम उठाया और अब वह जेल में है।


