केरल लॉटरी वेलफेयर फंड घोटाले के मुख्य आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया है कि उसने घोटाले के 14 करोड़ रुपये में से 6 करोड़ रुपये जला दिए। उसने बताया कि 2016 की नोटबंदी के बाद वह पुराने नोट बदल नहीं पाया था, इसलिए उसे ऐसा करना पड़ा।
तिरुवनंतपुरम: केरल लॉटरी वेलफेयर फंड घोटाले के मुख्य आरोपी ने पूछताछ में एक हैरान करने वाला खुलासा किया है। उसने बताया, '2016 की नोटबंदी के बाद मैं लॉटरी वेलफेयर फंड से लूटे गए पैसे इस्तेमाल नहीं कर पाया। इसलिए मैंने 6 करोड़ रुपये के नोट जला दिए।'

आरोपी संगीथ पर लॉटरी मजदूरों के कल्याण के लिए रखे गए करीब 14 करोड़ रुपये नकली दस्तखत के जरिए अपने खाते में ट्रांसफर करने का आरोप है। अधिकारियों के सामने पूछताछ के लिए पेश हुए संगीथ ने कबूल किया, 'मैंने नोटबंदी से ठीक पहले वेलफेयर फंड के खातों से 500 और 1,000 रुपये के नोटों में पैसे निकाले थे। जब केंद्र सरकार ने नोट बैन कर दिए, तो मैं उन्हें बदल नहीं पाया। इसलिए, 2017 में मैंने पोंगुम्मोडु वाले घर में सारे पैसे जला दिए।'
केरल लॉटरी के नाम पर एक और धोखाधड़ी
मंगलुरु: उधर, केरल लॉटरी का इनाम निकलने का झांसा देकर सूरतकल के एक व्यक्ति से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस बारे में सूरतकल पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, 50 साल के एक शख्स 29 मई को अपने मोबाइल पर फेसबुक देख रहे थे। तभी उन्हें केरल लॉटरी का एक विज्ञापन दिखा, जिसमें 50 रुपये के टिकट पर शाम को ड्रॉ निकलने की बात कही गई थी। उन्होंने विज्ञापन में दिए नंबर पर कॉल किया और एक अनजान व्यक्ति के कहने पर दो लॉटरी टिकट नंबर चुनकर स्कैनर के जरिए 100 रुपये भेज दिए।
शाम को उसी अनजान व्यक्ति ने फोन करके बताया कि उनके एक टिकट पर 12 लाख रुपये का इनाम लगा है। उसने इनाम की रकम भेजने के लिए वोटर आईडी कार्ड, बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड मंगवाया, जो सूरतकल के रहने वाले उस शख्स ने भेज दिए। इसके बाद, जालसाजों ने अलग-अलग बहाने बनाकर उनसे किश्तों में कुल 1,85,636 रुपये ठग लिए। जब उन्हें धोखाधड़ी का अहसास हुआ, तो उन्होंने सूरतकल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों को पकड़कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
