खान सर और ज्ञान बिंदु कोचिंग के बीच असली लड़ाई किस बात की है? क्या पटना के कोचिंग मार्केट पर कब्जे की जंग है इस विवाद की वजह? आखिर खान सर और रोशन आनंद के बीच विवाद की शुरुआत कैसे हुई? क्या टॉपर अभिषेक पटेल को लेकर शुरू हुआ था पूरा विवाद?

Khan Sir vs Gyan Bindu Controversy: पटना के मशहूर मुसल्लहपुर कोचिंग हब में चल रहा विवाद 6 दिन बाद भी शांत नहीं हुआ है। ज्ञान बिंदु GS एकेडमी के संचालक रोशन आनंद जेल में हैं, जबकि खान सर पर भी कानूनी कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है। इस पूरे विवाद ने बिहार के कोचिंग सेक्टर को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। सवाल यह है कि आखिर खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु GS एकेडमी के बीच इतना बड़ा टकराव कैसे शुरू हुआ और इसकी असली वजह क्या है?

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

छात्रों की सफलता का श्रेय बना विवाद की शुरुआत

जांच में सामने आया कि विवाद की जड़ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के नतीजों को लेकर शुरू हुई। दोनों कोचिंग संस्थानों ने बड़ी संख्या में सफल छात्रों का श्रेय लेने का दावा किया। एक संस्थान ने 12,000 और दूसरे ने 10,000 सफल उम्मीदवारों का दावा किया। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने लगा। स्थिति तब और बिगड़ गई जब दोनों पक्षों के समर्थकों ने एक-दूसरे के पोस्टर फाड़ने शुरू कर दिए। धीरे-धीरे यह विवाद मारपीट तक पहुंच गया।

फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर टॉपर अभिषेक पटेल को लेकर बढ़ा विवाद

फरवरी में फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर भर्ती परीक्षा के परिणाम घोषित हुए थे। अभिषेक कुमार उर्फ अभिषेक पटेल ने परीक्षा में टॉप किया था। परिणाम आने के बाद दोनों कोचिंग संस्थानों ने उन्हें अपना छात्र बताया। दोनों पक्षों ने अपने-अपने रिकॉर्ड दिखाकर दावा किया कि अभिषेक उनके यहां पढ़े थे। खान सर ने दावा किया कि चयनित 24 उम्मीदवारों में से 18 उनके संस्थान से थे। वहीं रोशन आनंद ने भी टॉपर अभिषेक पटेल पर अपना दावा जताया।

व्हाट्सएप चैट और 10 लाख रुपये के आरोप से बढ़ा विवाद

28 मार्च को अभिषेक पटेल सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए खान सर से मिलने पहुंचे। इसके बाद विवाद और बढ़ गया। रोशन आनंद ने अभिषेक पटेल के साथ अपनी व्हाट्सएप चैट सार्वजनिक कर दी। चैट में छात्र कोर्स और पढ़ाई से जुड़ी चर्चा करते दिखाई दे रहा था। रोशन आनंद ने आरोप लगाया कि खान सर ने टॉपर को 10 लाख रुपये देकर अपने संस्थान का छात्र बताने की कोशिश की। हालांकि अभिषेक पटेल ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया।

किसान कोल्ड स्टोरेज पर नियंत्रण की लड़ाई क्या है?

इस पूरे विवाद के पीछे एक और बड़ी वजह 'किसान कोल्ड स्टोरेज' परिसर को माना जा रहा है। मुसल्लहपुर स्थित यह परिसर वर्षों से पटना का प्रमुख कोचिंग हब रहा है। वर्ष 2018-19 तक यहां करीब 20 कोचिंग संस्थान संचालित होते थे। खान ग्लोबल स्टडीज़ और ज्ञान बिंदु GS एकेडमी भी इसी परिसर में मौजूद हैं। कोविड महामारी के बाद कई कोचिंग संस्थान बंद हो गए। इस दौरान खान सर की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और उन्होंने अपने संस्थान का विस्तार किया। बताया जाता है कि उन्होंने बंद हो चुके कई कोचिंग सेंटरों के हॉल और कार्यालय किराए पर ले लिए। इसके बाद परिसर के अधिकांश क्लासरूम और हॉल खान ग्लोबल स्टडीज़ के नियंत्रण में आ गए।

ज्ञान बिंदु का आरोप- पूरे कैंपस पर कब्जा चाहते हैं खान सर

ज्ञान बिंदु कोचिंग के शिक्षक आदर्श का दावा है कि खान सर पूरे परिसर पर नियंत्रण चाहते हैं। उनके अनुसार, वर्तमान में परिसर में केवल छह कोचिंग संस्थान बचे हैं और यह जगह कोचिंग व्यवसाय के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि खान सर को परिसर के मालिक का समर्थन प्राप्त है, जिससे उन्हें विस्तार करने में मदद मिली।

कैंपस मालिक ने क्या कहा?

इन आरोपों पर किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक आर.बी. प्रसाद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनका किसी भी कोचिंग संस्थान के प्रति विशेष झुकाव नहीं है। उनका उद्देश्य सिर्फ इतना है कि इस परिसर से अधिक से अधिक सफल छात्र निकलें। हालांकि, स्थानीय लोगों का दावा है कि खान सर परिसर में सबसे बड़े किरायेदार हैं और बड़ी रकम किराए के रूप में देते हैं, इसलिए उन्हें प्राथमिकता मिलती है।

एक-दूसरे पर हमले करवाने के आरोप

रोशन आनंद लंबे समय से आरोप लगाते रहे हैं कि खान सर कुछ हॉस्टल छात्रों का इस्तेमाल उनके खिलाफ करते हैं। उन्होंने 2023 में ज्ञान बिंदु कोचिंग पर हुए हमले का भी जिक्र किया। उनका दावा है कि हमलावरों ने डिस्प्ले स्क्रीन और फर्नीचर तोड़ दिया था। वहीं खान सर ने भी रोशन आनंद पर अपने स्टाफ और संस्थान पर हमले करवाने के आरोप लगाए हैं। मार्च 2021 में खान सर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि रोशन आनंद, उनके भाई प्रिंस और अन्य लोग उनके क्लासरूम में घुस आए और वहां तोड़फोड़ की।

सोशल मीडिया लोकप्रियता और 'रील टीचर' विवाद

दोनों शिक्षकों के बीच सोशल मीडिया को लेकर भी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती रही है। खान सर सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हैं। उनके आलोचक उन्हें अक्सर "रील टीचर" कहकर संबोधित करते हैं। रोशन आनंद और उनके समर्थक भी कई बार यह टिप्पणी कर चुके हैं कि सोशल मीडिया की लोकप्रियता और वास्तविक शिक्षण क्षमता में फर्क होता है। 2023 में खान सर के 'द कपिल शर्मा शो' में जाने के बाद भी विवाद बढ़ा। रोशन आनंद ने आरोप लगाया था कि शो में पहुंचने के लिए पब्लिक रिलेशन एजेंसी का सहारा लिया गया।

'दरोगा फैक्ट्री' बनाम 'रील टीचर' की लड़ाई

ज्ञान बिंदु GS एकेडमी को कई लोग "दरोगा फैक्ट्री" के नाम से जानते हैं क्योंकि संस्थान से बड़ी संख्या में सब-इंस्पेक्टर चयनित हुए हैं। वहीं खान सर के छात्र दावा करते हैं कि उनके शिक्षक अक्सर छात्रों को सिर्फ नौकरी नहीं बल्कि अधिकारी बनने के लिए प्रेरित करते हैं। दोनों संस्थानों के बीच यह प्रतिस्पर्धा कई बार सार्वजनिक टिप्पणियों और तंज तक पहुंच चुकी है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केट पर कब्जे की जंग

स्थानीय छात्रों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि इस विवाद की असली वजह ऑनलाइन और ऑफलाइन कोचिंग मार्केट में वर्चस्व की लड़ाई है। पटना में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ऋषभ के अनुसार, ऑनलाइन शिक्षा क्षेत्र में खान ग्लोबल स्टडीज़ का दबदबा है, जबकि ऑफलाइन कोचिंग में ज्ञान बिंदु की मजबूत पकड़ मानी जाती है। इसी वजह से दोनों संस्थान उस क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहते हैं जहां दूसरे की पकड़ ज्यादा है।

कई साल पुरानी है दोनों पक्षों की दुश्मनी

जानकारी के अनुसार, दोनों कोचिंग संस्थान वर्ष 2017 से एक ही परिसर में संचालित हो रहे हैं। कैंपस के कर्मचारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच हर कुछ महीनों में किसी न किसी बात को लेकर विवाद होता रहता है। एक बार ज्ञान बिंदु में एग्जॉस्ट फैन लगाने के दौरान दीवार से ईंट का टुकड़ा गिरकर खान सर की कार पर लग गया था, जिसके बाद भी विवाद हुआ था।

पहले भी हो चुकी हैं हिंसक घटनाएं

वर्ष 2019 में खान सर के संस्थान पर बम फेंके जाने की घटना सामने आई थी। वहीं 2023 में रोशन आनंद के भाई पर हमला हुआ था, जिसमें उन्हें सिर में चोट लगी और कई टांके लगाने पड़े। इन घटनाओं से साफ है कि दोनों पक्षों के बीच तनाव और टकराव कोई नई बात नहीं है।

क्या है पूरे विवाद की असली वजह?

हालिया विवाद भले ही पोस्टर लगाने और हटाने से शुरू हुआ हो, लेकिन इसकी जड़ें कई साल पुरानी प्रतिस्पर्धा में हैं। छात्रों की सफलता का श्रेय, कैंपस पर नियंत्रण, सोशल मीडिया प्रभाव, हॉस्टल नेटवर्क और कोचिंग मार्केट में वर्चस्व की लड़ाई जैसे कई कारण इस संघर्ष को लगातार बढ़ाते रहे हैं। यही वजह है कि खान सर और रोशन आनंद के बीच का यह विवाद केवल व्यक्तिगत टकराव नहीं, बल्कि पटना के बड़े कोचिंग बाजार में प्रभाव और नियंत्रण की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।