Kolkata Durga Puja Viral Video: कोलकाता के चोरबगान पूजा पंडाल में हुई 19 मौतों से ठीक पहले का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें बेकाबू भीड़ बैरिकेड्स तोड़ती और पुलिस से उलझती नजर आ रही है। जानिए क्या थी ग्राउंड रियलिटी। देखें वीडियो…।

Kolkata Stampede Viral Video: कोलकाता के चर्चित चोरबगान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई उस खौफनाक भगदड़, जिसमें 19 बेकसूर लोगों की जान चली गई, से ठीक पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो ने एक बार फिर शहर के क्राउड मैनेजमेंट (भीड़ प्रबंधन) और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फुटेज में साफ दिख रहा है कि कैसे भारी भीड़ बैरिकेड्स को धकेल रही थी और पुलिसकर्मियों से तीखी बहस कर रही थी।

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Viral Video Insights: वीडियो में क्या कुछ नजर आ रहा है?

  • बैरिकेड्स पर धक्का-मुक्की: सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पंडाल के बाहर भारी भीड़ बेकाबू हो चुकी थी और लोग बैरिकेड्स को जबरन पार करने की कोशिश कर रहे थे।
  • पुलिस से बहस: व्यवस्था संभालने में जुटी पुलिस से लोग उलझते हुए नजर आ रहे हैं, जिससे साफ होता है कि स्थिति पहले से ही नियंत्रण से बाहर हो रही थी।
  • 'सेरार-सेरा' पंडाल का दबाव: संकरी 'राधा माधव साहा लेन' में स्थित यह पंडाल इस साल सरकार द्वारा सर्वश्रेष्ठ ('सेरार-सेरा') सम्मान के लिए चुना गया था, जिसके चलते यहाँ देखने वालों का सैलाब उमड़ पड़ा था।
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Rain and Panic: बारिश और गलत मैनेजमेंट ने कैसे बढ़ाया संकट?

  • अचानक तेज बारिश: शनिवार शाम करीब 7:30 बजे हल्की बूंदाबांदी अचानक तेज बारिश में बदल गई, जो लगभग एक घंटे तक जारी रही।
  • अंदर और बाहर का दबाव: जो लोग अंदर थे, वे बाहर नहीं निकल पा रहे थे; वहीं बाहर खड़े हजारों लोग बारिश से बचने के लिए अंदर घुसने के लिए धक्का-मुक्की करने लगे।
  • सकरी गलियां बनीं मौत का कुआं: संकरी गली और छोटे प्रवेश द्वार पर अचानक भारी दबाव पड़ने से लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। सीढ़ियों के पास गिरे लोगों के ऊपर जब और लोग आए, तो भगदड़ मच गई। स्थानीय लोगों ने पंडाल का हिस्सा हटाकर घायलों को बाहर निकाला।

Questions on Security: सुरक्षा और प्रशासनिक इंतजामों पर उठे सवाल

  • नाकाफी फोर्स: चश्मदीदों का आरोप है कि इतनी भारी भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी या स्वयंसेवक मौके पर मौजूद नहीं थे, और ज्यादातर फोर्स वीआईपी गेट पर तैनात थी।
  • स्पष्ट निर्देशों का अभाव: लोगों का कहना है कि लाउडस्पीकर पर सही और स्पष्ट घोषणाएं न होने के कारण जनता में लगातार भ्रम और अफरा-तफरी बढ़ती चली गई।