मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में अगले हफ्ते बड़े कैबिनेट फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं। दिल्ली में सियासी हलचल तेज हो गई है। कहा जा रहा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत कई बड़े मंत्रियों को हटाया जा सकता है।

नई दिल्ली: मोदी सरकार 3.0 में अगले हफ्ते एक बड़े और अहम कैबिनेट फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। इसे लेकर राजधानी दिल्ली में सियासी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी। इस मुलाकात को कैबिनेट में होने वाले बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है। खबरें हैं कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत कई सीनियर नेताओं को कैबिनेट से हटाकर संगठन में भेजा जा सकता है। बीजेपी यह फेरबदल आने वाले विधानसभा चुनावों और नए राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर कर रही है।

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शक्तिकांत दास को मिल सकती है कैबिनेट में जगह?

माना जा रहा है कि सरकार प्रशासन और अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर कुछ बड़े बदलाव करना चाहती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और RBI के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास को कैबिनेट में शामिल करने पर विचार हो रहा है। अर्थव्यवस्था के जानकार होने के नाते उन्हें कोई अहम मंत्रालय दिया जा सकता है।

कौन अंदर, कौन बाहर?

चर्चा है कि मौजूदा कैबिनेट मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और हरदीप सिंह पुरी की कुर्सी जा सकती है। इन नेताओं को पार्टी संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की कैबिनेट में वापसी तय मानी जा रही है। पार्टी में उनकी सक्रियता और युवा नेता की छवि उनके पक्ष में काम कर रही है।

सहयोगी दलों और नए चेहरों पर भी नजर

महाराष्ट्र में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता श्रीकांत शिंदे को भी केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है। उन्होंने उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसदों को तोड़कर शिंदे खेमे में लाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में आए राघव चड्ढा और अशोक मित्तल को भी मंत्री पद देने की चर्चा है। इसके पीछे का मकसद पंजाब और दिल्ली में 'आप' को राजनीतिक तौर पर कमजोर करना है। राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में नए मंत्रियों की लिस्ट फाइनल हो जाएगी।