कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने PM मोदी को 'आतंकवादी' कहा, पर बाद में सफाई दी कि उनका मतलब डराने-धमकाने वाले से था। उन्होंने AIADMK को बीजेपी का गुलाम बताते हुए 131वें संविधान संशोधन बिल की भी आलोचना की।

चेन्नई : लोकसभा चुनाव का माहौल गरमाता जा रहा है और इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान ने सियासी भूचाल ला दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए खड़गे ने उन्हें 'आतंकवादी' कह दिया, हालांकि इसके तुरंत बाद उन्होंने अपने बयान पर सफाई भी पेश की। तमिलनाडु में चुनाव से ठीक दो दिन पहले मीडिया से बात करते हुए खड़गे ने AIADMK और बीजेपी के गठबंधन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "AIADMK आखिर मोदी के साथ कैसे जा सकती है? वह एक आतंकवादी (Terrorist) हैं। वह समानता में विश्वास नहीं करते। उनकी पार्टी को बराबरी और न्याय में कोई यकीन नहीं है। ऐसे लोगों से हाथ मिलाना लोकतंत्र को कमजोर करने जैसा है।"

बयान पर तुरंत दी सफाई

'आतंकवादी' शब्द के इस्तेमाल पर जैसे ही विवाद बढ़ने लगा, खड़गे ने फौरन अपनी बात को संभाला। उन्होंने सफाई देते हुए कहा, "जब मैंने आतंकवादी कहा, तो मेरा मतलब था कि वह सबको डराते-धमकाते (Terrorises) हैं।" इस तरह उन्होंने विवाद को शांत करने की कोशिश की।

131वें संविधान संशोधन बिल की हार पर खुशी

इसी दौरान खड़गे ने लोकसभा में 131वें संविधान संशोधन बिल के पास न हो पाने की तारीफ की। उन्होंने कहा, "बीजेपी महिला आरक्षण को परिसीमन (Delimitation) से जोड़कर एक खतरनाक खेल खेल रही है। यह तमिलनाडु जैसे उन राज्यों को सजा देने जैसा है, जिन्होंने अपनी आबादी को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया है। विपक्षी दलों ने एकजुट होकर इस बिल को हराया।"

AIADMK पर साधा निशाना

तमिलनाडु के वेलाचेरी में एक रैली में खड़गे ने AIADMK को बीजेपी का "गुपचुप गुलाम पार्टनर" बताया। उन्होंने कहा, "आपको ऐसे नेता चाहिए जो बीजेपी के आगे सिर न झुकाएं, और यह सिर्फ एम.के. स्टालिन ही कर सकते हैं। आज AIADMK अपनी पहचान खो चुकी है। वह मोदी की गुलाम बन गई है, इसलिए तमिलनाडु के हितों की रक्षा नहीं कर सकती।"