2021 के कोयला तस्करी मामले में ED ने TMC के आईटी सेल हेड और I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के ठिकानों पर छापा मारा। CM ममता बनर्जी ने इसे BJP का राजनीतिक बदला बताया। उन्होंने चुनाव में बाधा डालने का आरोप भी लगाया।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के आईटी सेल हेड और राजनीतिक सलाहकार एजेंसी आई-पैक (I-PAC) के प्रमुख प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अचानक छापा मारा। यह तलाशी साल्ट लेक में आई-पैक के ऑफिस और कोलकाता में प्रतीक जैन के घर पर हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई 2021 के कोयला तस्करी मामले से जुड़ी है। तलाशी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का प्रतीक जैन के घर पहुंचना काफी नाटकीय रहा। ममता ने आरोप लगाया कि बीजेपी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके राजनीतिक बदला ले रही है।

बीजेपी के खिलाफ ममता का जोरदार विरोध

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ED पार्टी के अंदरूनी दस्तावेज़, उम्मीदवारों की लिस्ट और हार्ड डिस्क ज़ब्त करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी कड़ी आलोचना की। बंगाल की मुख्यमंत्री ने सवाल किया, 'अगर हम (राज्य पुलिस) बीजेपी के दफ्तरों पर इस तरह की छापेमारी करें तो क्या होगा?' रेड के दौरान ममता एक हरी फ़ाइल लेकर मौके पर पहुंचीं और मीडिया से कहा कि वह पार्टी के दस्तावेज़ों को बचाने आई हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के काम में बाधा डालने की कोशिश कर रहा है। कोलकाता के पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा भी मौके पर मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या गृह मंत्रालय और गृह मंत्री का काम राजनीतिक दलों के आईटी विंग के दफ्तरों पर छापा मारना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर पार्टी के दस्तावेज़ ज़ब्त करने की कोशिश कर रही है। ममता ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव से पहले ED की यह कार्रवाई पार्टी को तोड़ने के लिए है। 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को जिताने में आई-पैक ने बड़ी भूमिका निभाई थी। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है।

चुनावी जंग की ओर बढ़ता बंगाल

पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल मई 2026 में खत्म हो रहा है और राज्य में चुनावी माहौल बनने लगा है। बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल बीजेपी के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है। चुनाव से पहले वोटर लिस्ट की विशेष जांच (SIR) में 58 लाख से ज़्यादा वोटरों को हटाए जाने से पहले ही एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने क्षेत्र के दौरे और जनसंपर्क कार्यक्रमों में जुटी हैं, तो वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में बीजेपी भी अपनी रणनीति बना रही है। बीजेपी भ्रष्टाचार और प्रवासन को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। इस बीच, सत्ता में वापसी की उम्मीद में सीपीएम भी राज्य भर में पदयात्राओं और दूसरे अभियानों के साथ प्रचार में सक्रिय हो गई है।