एक मैनेजर और महिला कर्मचारी की चैट वायरल हुई। कर्मचारी के पीरियड्स में अस्वस्थ होने पर मैनेजर ने 2-3 दिन की पेड छुट्टी दी। इस पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं और बहस छिड़ गई।

एक मैनेजर और महिला कर्मचारी के बीच हुई बातचीत के एक स्क्रीनशॉट ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है। कर्मचारी की तबीयत खराब होने पर बॉस के जवाब की कई लोगों ने तारीफ की है। फूड कंटेंट प्रोड्यूसर नलिनी उनगर ने यह बातचीत X (पहले ट्विटर) पर पोस्ट की, जिसमें बॉस ने कर्मचारी को छुट्टी की पेशकश की और यह भी भरोसा दिलाया कि अगर वह ब्रेक लेती है तो उसकी सैलरी नहीं काटी जाएगी।

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इस मैसेज पर ऑनलाइन मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ लोगों ने इस सपोर्टिव रवैये की तारीफ की, तो वहीं दूसरों ने ऑफिस के नियमों, प्रोफेशनलिज्म और पीरियड लीव को लेकर ऑफिस में बनी धारणा पर चर्चा की। यूजर ने अब वायरल हो चुके मैसेज की तस्वीर के साथ लिखा, "असली मर्द महिलाओं को सहज महसूस कराते हैं, दोषी नहीं।"

स्क्रीनशॉट में एक महिला कर्मचारी और उसके मैनेजर के बीच वॉट्सऐप चैट दिखाई दे रही है। कर्मचारी ने पहले पूछा, "सर, क्या मैं 12 बजे के बाद काम शुरू कर सकती हूं?" उसने आगे कहा, "क्योंकि मुझे कुछ हेल्थ इश्यू हैं।"

मैनेजर ने प्यार से जवाब दिया, "ठीक है, कोई बात नहीं," और फिर पूछा कि क्या कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। कर्मचारी ने जवाब दिया, "नहीं, बस नॉर्मल बॉडी पैनिक है।" तब मैनेजर ने कहा, "ओह, पीरियड्स हैं क्या?" और उसने कहा, "हां।" इसके बाद, मैनेजर ने उसे तसल्ली दी और कहा, “ठीक है, ध्यान रखो। तुम नई हो तो शायद तुम्हें पता नहीं। हम पीरियड्स में तबीयत ठीक न होने पर लड़कियों को 2-3 दिन की छुट्टी देते हैं। तुम 2 दिन ठीक से आराम करो।"

कर्मचारी ने जवाब दिया कि छुट्टी की जरूरत नहीं है और वह काम कर सकती है। तब मैनेजर ने यह कहकर बातचीत खत्म की, “अरे बिंदास आराम करो, सैलरी कट नहीं होगी।"

देखिए वायरल पोस्ट

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सोशल मीडिया पर लोगों की राय

जैसे ही यह स्क्रीनशॉट ऑनलाइन फैला, कमेंट सेक्शन में लोगों ने अलग-अलग राय दी। कुछ ने मैनेजर की समझदारी की तारीफ की, तो कुछ ने इस बात पर चर्चा की कि ऑफिस में ऐसी बातचीत कितनी संवेदनशील हो सकती है।

एक यूजर ने कहा, “जिस तरह से उसने पूछा 'पीरियड्स हैं क्या?', उसकी हिम्मत को सलाम। आधे मैनेजर तो इस बयान के बाद POSH का केस झेल रहे होते।"

एक अन्य ने कमेंट किया, “नए जॉइन करने वालों के लिए लीव बेनिफिट्स की जानकारी वेलकम मेल या बेनिफिट्स पोर्टल पर होनी चाहिए थी, क्योंकि हर लड़की यह बताने में सहज नहीं होती कि वह पीरियड्स में है।"

एक ने लिखा, “इस महिला के साथ ऐसा बर्ताव शायद उसके अच्छे व्यवहार की वजह से हो रहा है। सभी महिलाएं सम्मान की हकदार नहीं होतीं। दूसरों से अच्छे व्यवहार की उम्मीद करने से पहले खुद अच्छा व्यवहार करें।"

एक और यूजर ने अपने बुरे अनुभव को शेयर करते हुए लिखा, “मेरे मैनेजर ने तो मुझे ICU से डिस्चार्ज होने के बाद रिपोर्ट बनाने में गाइड करने के लिए ऑफिस बुला लिया था। मैनेजर ज्यादातर हरामी ही होते हैं।"

किसी ने तंज कसते हुए लिखा, “अगली बार वीकेंड से पहले या बाद में प्लान करना ताकि 5 दिन का ब्रेक आसानी से मिल सके।"

एक और कमेंट में लिखा था, “डिटेल्स पूछने और पर्सनल होने की कोई जरूरत नहीं थी। एक कर्मचारी सिक लीव ले सकता है, और उसकी सेहत उसका निजी मामला है। यह पूछने की बिल्कुल जरूरत नहीं थी कि असल में हेल्थ प्रॉब्लम क्या है।"