Russian oil tanker US: अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप की मध्यस्थता से रूस और यूक्रेन के बीच ओलेशकी शहर में सीजफायर पर सहमति बन गई है। वहीं, यूक्रेन के विरोध के बावजूद ट्रंप-पुतिन डील के तहत रूस से एक डीजल टैंकर अमेरिका के लिए निकल चुका है।
Russia Ukraine samjhauta: अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच एक अहम समझौता कराया है। व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को बताया कि मेलानिया की मध्यस्थता से रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी शहर ओलेशकी में स्थानीय सीजफायर लागू हो गया है। इसका मकसद वहां फंसे नागरिकों को सुरक्षित निकालना और उन तक मानवीय मदद पहुंचाना है।
यह सीजफायर 29 अक्टूबर से लागू होगा। मेलानिया ने खुद इस मामले में पहल की थी। उन्होंने रूस और यूक्रेन के नेताओं से सीधे बात करके इस समझौते की शर्तें तय कीं। दरअसल, ओलेशकी में पिछले कई महीनों से खाने-पीने की चीजों और दवाओं की भारी कमी है। ऐसे में यह सीजफायर वहां के परेशान लोगों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा।
अमेरिका के लिए निकला रूसी टैंकर
दूसरी तरफ, यूक्रेन की कड़ी आपत्तियों के बावजूद रूस से डीजल लेकर पहला टैंकर अमेरिका के लिए रवाना हो गया है। शुक्रवार को क्रेमलिन ने इसकी पुष्टि की। यह सप्लाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुए नए आयात समझौते का हिस्सा है।
जॉर्डन के चर्च में फायरिंग, 7 की मौत
यरुशलम: जॉर्डन के कराक प्रांत के हमौद गांव में एक ग्रीक चर्च पर बंदूकधारियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में 7 लोगों की मौत हो गई और 28 लोग घायल हो गए। इनमें से कुछ की हालत बेहद गंभीर है।
चर्च में एक मृतक की याद में प्रार्थना सभा चल रही थी, तभी दो हमलावरों ने अचानक गोलियां चलानी शुरू कर दीं। सुरक्षा बल फिलहाल आरोपियों की तलाश कर रहे हैं और मामले की जांच जारी है।
हमौद गांव मुख्य रूप से अल्पसंख्यक ईसाइयों का इलाका है, जो जॉर्डन की राजधानी अम्मान से करीब 180 किलोमीटर दूर है।
