Mukesh Ambani Viral Video: आप चाहे कितने भी बड़े अरबपति क्यों न हों, बच्चों की जिद के आगे किसी की नहीं चलती। एक जरूरी मीटिंग के दौरान मुकेश अंबानी ने बच्चे को चुप कराने के लिए अपना मोबाइल दे दिया। यह वीडियो अब वायरल है और लोग कह रहे हैं कि पेरेंटिंग का संघर्ष सबके लिए एक है, बस बैंक बैलेंस अलग है।
Netizens Reaction on Ambani video: घर पर कोई जरूरी काम करते समय या ऑफिस कॉल पर बात करते वक्त अगर बच्चे शोर मचाएं, तो हम क्या करते हैं? हम तुरंत उनके हाथ में मोबाइल थमा देते हैं और कार्टून लगाकर उन्हें चुप करा देते हैं। इंटरनेट पर वायरल हो रहा एक नया वीडियो भी यही सच साबित कर रहा है। आप चाहे आम इंसान हों या एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी, पोते-पोतियों को चुप कराने के लिए मोबाइल तो देना ही पड़ता है।
सोशल मीडिया पर मुकेश अंबानी का एक छोटा सा वीडियो क्लिप तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह किसी अहम मीटिंग या फोन कॉल में बिजी दिख रहे हैं। इसी बीच वह अपने पोते को शांत करने के लिए अपना फोन उसके हाथ में थमा देते हैं। यह प्यारा सा पल कैमरे में कैद हो गया।
"पेरेंटिंग का संघर्ष सबके लिए एक, बस बैंक बैलेंस अलग!"
इस मजेदार और प्यारे वीडियो को देखकर इंटरनेट यूजर्स कमेंट बॉक्स में खूब मजे ले रहे हैं। लोग हैरान हैं कि एक आम माता-पिता वाली परेशानी इस अरबपति को भी उठानी पड़ रही है। वीडियो देखते ही एक यूजर ने लिखा, "Parenting struggles are the same, only the bank balance is different" (बच्चों को पालने और संभालने का सिरदर्द सबके लिए एक जैसा है, बस बैंक बैलेंस अलग है!)। इस कमेंट को हजारों लाइक्स मिल चुके हैं।
यूजर्स के मजेदार कमेंट्स की बाढ़
वीडियो के वायरल होते ही लोग अपने-अपने अंदाज में तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं।
“क्या ये लोग भी हमारी तरह रिचार्ज कराते हैं?”
एक यूजर ने मजे लेते हुए जियो के मालिक से ही रिचार्ज को लेकर सवाल पूछ लिया। उसने लिखा, "ये लोग रिचार्ज करते होंगे क्या? कोई इनका मोबाइल नंबर बताओ।" (Do they recharge? Someone tell me their number)
दादा-पोते का प्यार
एक अन्य यूजर ने प्यार से लिखा, "यह सिर्फ दादा-दादी वाली बात है (Just grandparents thing)... दादा चाहे दुनिया का कितना भी बड़ा अमीर क्यों न हो, पोते के मांगते ही मोबाइल थमा देना हर दादा की फितरत होती है।"
हम और अंबानी, सब एक हैं!
कई लोगों ने कमेंट किया, "आखिरकार साबित हो गया कि हम सब एक ही हैं (We are all the same apparently)... बच्चों के सामने हमारे करोड़ों रुपये का पावर भी काम नहीं आता!"
“वे भी इंसान हैं.. बस पैसा बहुत ज्यादा है!”
एक यूजर ने लिखा, "आखिरकार वे भी हमारी तरह हाड़-मांस के आम इंसान ही हैं... बस फर्क इतना है कि उनके पास हम सबसे बहुत ज्यादा पैसा है (They are also human... With some massive money)।"
यह वीडियो इस बात का सबूत है कि दुनिया का चाहे कितना भी बड़ा बिजनेसमैन क्यों न हो, बच्चों की जिद के आगे किसी की नहीं चलती। करोड़ों का निवेश करने वालों के लिए भी बच्चों को शांत करने का आखिरी सहारा स्मार्टफोन ही होता है। यह वीडियो इंटरनेट पर हर किसी के चेहरे पर मुस्कान ला रहा है।



