Mumbai Metro Line 1: मुंबई में वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर रूट पर चलने वाली मेट्रो-1 की सर्विस सोमवार से और बेहतर होने जा रही है. पीक आवर्स में अब ट्रेनें लगभग हर साढ़े तीन मिनट पर मिलेंगी, जिससे यात्रियों का सफ़र आसान होगा और इंतज़ार का समय घटेगा.

Mumbai Metro New Timetable: मुंबई में वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर रूट पर रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए राहत की खबर है। मुंबई मेट्रो लाइन-1 पर सोमवार से ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जा रही है। नए शेड्यूल के तहत पीक आवर्स में यात्रियों को ट्रेन के लिए महज 3.5 मिनट इंतजार करना होगा। इससे व्यस्त समय में लगने वाली भीड़ और लंबी कतारों से राहत मिलने की उम्मीद है।

रोजाना चलेंगी 388 मेट्रो सर्विस

मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड (MMOPL) ने यात्रियों की बढ़ती संख्या और मांग को देखते हुए शेड्यूल में बदलाव किया है। कामकाजी दिनों में 8 नई मेट्रो सर्विस जोड़ी जाएंगी। इसके बाद लाइन-1 पर रोजाना चलने वाली सेवाओं की संख्या 380 से बढ़कर 388 हो जाएगी। ज्यादा सेवाओं का सीधा फायदा यात्रियों को मिलेगा और उन्हें ट्रेन के लिए ज्यादा देर इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

पीक आवर्स में सिर्फ 3.5 मिनट का गैप

नए टाइमटेबल का सबसे बड़ा बदलाव पीक आवर्स में देखने को मिलेगा। इस दौरान मेट्रो ट्रेनें करीब 3.5 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध रहेंगी। वहीं, ऑफ-पीक समय में ट्रेनों के बीच का अंतर लगभग 8 मिनट रहेगा। खासकर सुबह और शाम ऑफिस जाने और लौटने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

20 फीसदी से ज्यादा बढ़ेगी यात्री क्षमता

अधिकारियों के मुताबिक, अतिरिक्त सेवाएं शुरू होने से इस हाई-डिमांड रूट पर यात्रियों को ले जाने की कुल क्षमता में 20 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी होगी। मुंबई जैसे शहर में जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहते हैं, क्षमता बढ़ने से मेट्रो में भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

बढ़ती मांग को देखते हुए लिया फैसला

वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर कॉरिडोर मुंबई के सबसे व्यस्त मेट्रो रूट्स में शामिल है। यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने का फैसला किया गया है। ज्यादा सेवाएं उपलब्ध होने से यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर कम समय रुकना पड़ेगा और यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी।

रोज सफर करने वालों का बचेगा समय

मेट्रो की फ्रीक्वेंसी बढ़ने का सबसे बड़ा फायदा रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को होगा। खासकर पीक आवर्स में ट्रेन का इंतजार कम होने से यात्रियों के यात्रा समय में बचत हो सकती है। अब देखने वाली बात होगी कि अतिरिक्त सेवाएं शुरू होने के बाद लाइन-1 पर भीड़ और वेटिंग टाइम में कितना बदलाव आता है।