हिजाब में रील्स बनाने पर इन्फ्लुएंसर वाहिदा अकधर को अपने ही समुदाय से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह उत्पीड़न ऑनलाइन से बढ़कर उनके घर तक पहुंच गया है, जबकि उनका कंटेंट किसी धर्म का अपमान नहीं करता।

तमिलनाडुः सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर वाहिदा अकधर ने आरोप लगाया है कि हिजाब पहनकर रील्स बनाने की वजह से उन्हें अपने ही समुदाय के लोगों से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने कई वीडियो के जरिए बताया है कि उनके ही समुदाय के लोग उन्हें धमका रहे हैं और कह रहे हैं कि वह अपने वीडियो से अपने शहर, तमिलनाडु के कडियानल्लूर का अपमान कर रही हैं। वाहिदा ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ लोग उनके घर आकर उन्हें और उनकी मां को मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं।

वाहिदा ने कहा, "मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहती थी। लेकिन यह उत्पीड़न ऑनलाइन से बढ़कर मेरी निजी जिंदगी में आ गया है।" इस आरोप पर कि उनकी रील्स उनके शहर कडियानल्लूर की इज्जत को नुकसान पहुंचा रही हैं, उन्होंने जवाब दिया कि पहले भी इसी शहर में कई आपराधिक मामले हुए हैं। उन्होंने सवाल किया कि उन सब को छोड़कर सिर्फ मेरे मामले पर ही सवाल क्यों उठाया जा रहा है।

उन्होंने यौन शोषण, बाल शोषण, जबरन शादी और किशोर गर्भावस्था जैसी कई सामाजिक समस्याओं का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या इन चीजों से शहर की छवि खराब नहीं होती? वाहिदा ने दुख जताते हुए कहा, "मैं बुर्का या हिजाब पहनकर रील्स बनाती हूं। मैं और कुछ नहीं करती। मेरा कंटेंट इस्लाम या किसी भी धार्मिक मान्यता का अपमान नहीं करता। मैं अल्लाह या इस्लाम के बारे में कुछ भी गलत नहीं बोल रही हूं। मैं वही कर रही हूं जो मुझे पसंद है, फिर भी ये लोग मुझे गालियां दे रहे हैं।"

उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि अगर लोगों को उनके वीडियो पसंद नहीं हैं, तो सोशल मीडिया पर ब्लॉक करने का ऑप्शन भी है। लेकिन वे मेरे रील्स देखते भी हैं और मेरी आलोचना भी करते हैं, यह दोहरा मापदंड है। उन्होंने सोशल मीडिया पर मिली जान से मारने की धमकियों और गालियों की निंदा करते हुए सवाल किया कि कोई नैतिकता या धर्म के नाम पर एक महिला को नुकसान पहुंचाने या धमकाने को कैसे सही ठहरा सकता है? उन्होंने कहा कि इसमें धर्म को लाना, नफरत फैलाना और दूसरों को चोट पहुंचाना, यह मानसिकता बदलनी चाहिए।