पीएम नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के बाद बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का न्योता दिया। जानिए भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार का क्या है जिक्र।
भारत और इजराइल के रिश्तों में एक बार फिर कूटनीतिक गर्मजोशी देखने को मिली है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की और उन्हें अपने देश के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का खास न्योता दिया। इस निमंत्रण की एक और अहम बात है—नेतन्याहू ने समारोह में मोदी के साथ भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की मौजूदगी का भी जिक्र किया है।
नेतन्याहू ने पीएम मोदी को क्यों दिया खास निमंत्रण?
नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बातचीत की जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपने मित्र प्रधानमंत्री मोदी को इजराइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में औपचारिक मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है। उनके अनुसार, इस अवसर पर भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार भी मोदी के साथ शामिल होंगे।
नेतन्याहू ने कहा कि मोदी ने निमंत्रण के लिए आभार जताया। हालांकि, साझा जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि प्रधानमंत्री मोदी समारोह में व्यक्तिगत रूप से शामिल होंगे या नहीं।
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आतंकवाद के खिलाफ साथ काम कर रहे भारत-इजराइल
नेतन्याहू के मुताबिक, बातचीत के दौरान भारत और इजराइल के बीच मजबूत होते संबंधों पर चर्चा हुई। उन्होंने आतंकवाद से मुकाबले में दोनों देशों के सहयोग का भी उल्लेख किया। पोस्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देश जमीन और हवा, दोनों मोर्चों पर आतंकवाद से निपटने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
यह बातचीत ऐसे समय में अहम है, जब सुरक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी दोनों देशों के संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा बने हुए हैं। हालांकि, बातचीत में किसी नए रक्षा समझौते या सैन्य सहयोग की घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है।
पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता पर भी हुई चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी X पर बातचीत की जानकारी देते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में बनी गति की समीक्षा की और साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
मोदी के मुताबिक, बातचीत में पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रमों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।इस तरह बातचीत में एक तरफ भारत-इजराइल के रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया, तो दूसरी तरफ पश्चिम एशिया में शांति की जरूरत भी प्रमुखता से सामने आई।
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