Donald Trump Immigration Policy: न्यूयॉर्क के ब्रॉन्क्स में 8 अक्टूबर को ICE एजेंट ने एक 28 वर्षीय व्यक्ति पर गोली चला दी। कार में 5 साल का बच्चा भी था। मेयर जोहरान ममदानी और चक शूमर ने जांच की मांग की है।

Trump Immigration Policy Controversy: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की इमिग्रेशन नीतियों को लेकर विवाद के बीच न्यूयॉर्क से गोलीबारी की एक घटना सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 8 अक्टूबर को ब्रॉन्क्स के मार्बल हिल इलाके में अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ICE के एक एजेंट ने कार में बैठे 28 वर्षीय व्यक्ति पर गोली चला दी। उस समय कार की पिछली सीट पर 5 साल का बच्चा भी मौजूद था। राहत की बात यह रही कि बच्चा सुरक्षित रहा, जबकि व्यक्ति की गर्दन पर गोली की खरोंच आई।

ब्रॉन्क्स में क्या हुआ था?

अधिकारियों के अनुसार, यह घटना गुरुवार शाम करीब 4 बजे हुई। ICE एजेंट एक संदिग्ध को हिरासत में लेने पहुंचे थे। इसी दौरान गोलीबारी हुई, जिसकी आवाज सुनकर इलाके में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने पांच से छह गोलियां चलने की बात कही है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान दो एजेंट भी घायल हुए। इनमें से एक को कार दुर्घटना में चोट लगने की जानकारी सामने आई है। न्यूयॉर्क पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया कि उसके अधिकारी इस अभियान में शामिल नहीं थे। घटना को लेकर जांच जारी है।

गोलीबारी का निशाना कौन था?

अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) ने कार्रवाई का बचाव करते हुए बताया कि गोलीबारी का निशाना डोमिनिकन रिपब्लिक का 28 वर्षीय नागरिक था। अधिकारियों ने उस पर ट्रिनिटारियोस गैंग से जुड़े होने का आरोप लगाया है।

ICE के अनुसार, इस व्यक्ति को साल 2023 में न्यूयॉर्क पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में उसे रिहा कर दिया गया। हालांकि, गोलीबारी किन परिस्थितियों में हुई और एजेंट ने गोली क्यों चलाई, इन सवालों की जांच की जा रही है।

ममदानी, शूमर और होकुल ने उठाए सवाल

घटना के बाद न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने कार्रवाई को अस्वीकार्य बताया और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से शहर में ICE के अभियानों को रोकने की मांग की।

वहीं, सीनेटर चक शूमर ने होमलैंड सिक्योरिटी विभाग से बॉडीकैम फुटेज सार्वजनिक करने और मामले की स्वतंत्र जांच कराने की अपील की। न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होकुल ने भी जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।

फिलहाल, गोलीबारी की जांच FBI और होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशन कर रहे हैं। जांच में यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि घटनास्थल पर क्या हुआ और बल प्रयोग किन परिस्थितियों में किया गया।

ICE की कार्रवाई पहले भी रही है विवादों में

अमेरिका में इमिग्रेशन कार्रवाई को लेकर ICE पहले भी विवादों का सामना कर चुकी है। ICE की स्थापना 2003 में हुई थी। इसकी एनफोर्समेंट एंड रिमूवल ऑपरेशंस (ERO) शाखा इमिग्रेशन कानूनों के तहत हिरासत और निर्वासन से जुड़े मामलों में काम करती है।

इससे पहले 7 जनवरी 2026 को मिनियापोलिस में 37 वर्षीय रेनी गुड की गोली लगने से मौत हुई थी। वह तीन बच्चों की मां थीं और घटना के समय अपनी कार में थीं। ट्रंप प्रशासन ने दावा किया था कि उन्होंने एक एजेंट को कार से कुचलने की कोशिश की थी, जबकि उनके परिवार ने इस दावे पर आपत्ति जताई थी।

ब्रॉन्क्स की ताजा घटना ने एक बार फिर इमिग्रेशन कार्रवाई के दौरान बल प्रयोग, जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर बहस तेज कर दी है। मामले में जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही गोलीबारी की परिस्थितियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।