केंद्र सरकार ने नोएडा मेट्रो के सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किमी एक्सटेंशन को मंजूरी दी। 8 नए स्टेशन बनेंगे और नेटवर्क 61.62 किमी तक पहुंचेगा। दिल्ली कनेक्टिविटी बेहतर होगी, ट्रैफिक जाम कम होगा और यात्रा समय घटेगा।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तेजी से बदलते शहरी परिदृश्य के बीच एक बड़ी अवसंरचनात्मक पहल को हरी झंडी मिल गई है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नोएडा मेट्रो रेल परियोजना के सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड एक्सटेंशन कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इस कॉरिडोर में कुल 8 स्टेशन प्रस्तावित हैं। संचालन शुरू होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सक्रिय मेट्रो नेटवर्क की लंबाई बढ़कर 61.62 किलोमीटर हो जाएगी।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश, आईटी पार्क और आवासीय टाउनशिप का विस्तार तेज़ी से हो रहा है। शहरी विशेषज्ञ इसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने की दिशा में निर्णायक कदम मान रहे हैं।
दिल्ली मेट्रो से सीधा इंटरचेंज, यात्रा समय में कमी
नया कॉरिडोर सेक्टर-142 से सीधे बॉटनिकल गार्डन तक जाएगा, जहां Delhi Metro Rail Corporation की ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन से इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध है। इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लाखों यात्रियों को दिल्ली के प्रमुख ट्रांजिट हब से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
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बॉटनिकल गार्डन इंटरचेंज के जरिए यात्रियों की पहुंच
- Indira Gandhi International Airport
- नई दिल्ली और आनंद विहार जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों
- अंतरराज्यीय बस अड्डों
तक अधिक तेज़ और सुगम हो सकेगी। परी चौक से बॉटनिकल गार्डन तक का सफर भी पहले की तुलना में आसान और समयबचत वाला माना जा रहा है।
आईटी हब और कॉर्पोरेट सेक्टर को सीधा लाभ
एक्सटेंशन कॉरिडोर नोएडा के प्रमुख व्यावसायिक और औद्योगिक सेक्टरों को सीधे जोड़ेगा। सेक्टर-145 में Microsoft, सेक्टर-157 में Tata Consultancy Services, सेक्टर-132 में Infosys और Adobe, सेक्टर-135 में Cognizant तथा सेक्टर-127 में Oracle जैसे बड़े संस्थान स्थित हैं।
इनके अलावा एडवांट बिजनेस पार्क, स्काईमार्क वन मॉल और मॉल ऑफ नोएडा जैसे व्यावसायिक केंद्रों तक भी सीधी मेट्रो पहुंच संभव होगी। इससे कर्मचारियों के आवागमन में आसानी और कॉर्पोरेट उत्पादकता में सुधार की उम्मीद है।
शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों को बेहतर कनेक्टिविटी
सेक्टर-125 स्थित Amity University, सेक्टर-91 का पंचशील बालक इंटर कॉलेज, सेक्टर-44 का महामाया बालिका इंटर कॉलेज और सेक्टर-128 का मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल अब विस्तारित मेट्रो नेटवर्क से अधिक व्यवस्थित रूप से जुड़ सकेंगे। इससे छात्रों, अभिभावकों और मरीजों के लिए दैनिक आवागमन अधिक सुरक्षित और समयबद्ध होगा।
ट्रैफिक जाम में राहत, पर्यावरण को लाभ
परियोजना के लागू होने के बाद सड़क यातायात का दबाव कम होने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार मेट्रो, निजी वाहनों की तुलना में अधिक ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण अनुकूल परिवहन साधन है।
- ट्रैफिक जाम में कमी
- ईंधन की बचत
- सड़क दुर्घटनाओं में संभावित गिरावट
- कार्बन उत्सर्जन में कमी
जैसे लाभ इस विस्तार से जुड़े माने जा रहे हैं। शहरी नियोजन के दृष्टिकोण से यह सतत विकास मॉडल की दिशा में अहम कदम है।
शहरी निवेश रणनीति को मिलेगा बल
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की सरकार लंबे समय से बेहतर कनेक्टिविटी को निवेश आकर्षण का आधार मानती रही है। राज्य में औद्योगिक कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे और मेट्रो नेटवर्क का विस्तार इसी रणनीति का हिस्सा है।
आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ शरद कोहली का कहना है: “बुनियादी ढांचे के विकास में बेहतर कनेक्टिविटी की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। जिस तरह से नोएडा और ग्रेटर नोएडा औद्योगिक गतिविधियों का हब बन रहे हैं, यह नया मेट्रो रूट दिल्ली व नोएडा/ग्रेटर नोएडा के बीच कनेक्टिविटी को सुगम करेगा। इससे नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा और मेट्रो स्टेशनों के आसपास व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को आधुनिक और सतत शहरी विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का हिस्सा है।”
क्या बदलेगा आम यात्रियों के लिए?
- परी चौक से दिल्ली पहुंचना होगा आसान
- ऑफिस टाइम में यात्रा समय घटेगा
- मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को राहत
छात्रों और मरीजों के लिए सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन
कुल मिलाकर, सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक प्रस्तावित यह 11.56 किमी का विस्तार केवल एक मेट्रो लाइन नहीं, बल्कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा के शहरी भविष्य की नई रेखा माना जा रहा है। यदि परियोजना तय समयसीमा में पूरी होती है, तो यह क्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सबसे बेहतर कनेक्टेड शहरी क्लस्टरों में शामिल हो सकता है।
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