Oman Oil Tanker: ओमान के पास एक कच्चे तेल के टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ है। राहत की बात है कि सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं। यूकेएमटीओ ने इसकी पुष्टि की है। इससे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य में भी एक जहाज पर हमला हुआ था, जहां से 5 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया।
Oman Tanker Attack: ओमान के पूर्वी तट से करीब 4 नॉटिकल मील दूर एक कच्चे तेल के टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के मुताबिक, घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। राहत की बात है कि जहाज पर सवार सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और समुद्र में तेल फैलने की कोई जानकारी नहीं मिली है।
जहाज के पोर्ट साइड पर लगा प्रोजेक्टाइल
UKMTO के अनुसार, टैंकर के मास्टर ने बताया कि जहाज की बाईं तरफ यानी पोर्ट साइड पर किसी अज्ञात वस्तु से हमला हुआ। घटना ओमान से करीब 4 नॉटिकल मील पूर्व में हुई। फिलहाल हमले में हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है और अधिकारी घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं। UKMTO ने इलाके से गुजरने वाले अन्य जहाजों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की सलाह दी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में भी बढ़ी समुद्री सुरक्षा चिंता
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में भी हाल के दिनों में कई जहाजों को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। UKMTO के हालिया रिकॉर्ड में सितंबर और अक्टूबर के दौरान टैंकरों पर हमलों की कई रिपोर्ट दर्ज हैं।
1 अक्टूबर की एक UKMTO रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक टैंकर को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया था और जहाज में आग लग गई थी। उस मामले में भी चालक दल के सुरक्षित होने की जानकारी दी गई थी।
MT Kazimah III पर हमले के बाद 5 भारतीयों का रेस्क्यू
इससे पहले कुवैत के झंडे वाले कच्चे तेल के टैंकर MT Kazimah III पर होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था। इस जहाज पर सवार पांच भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालकर किनारे पहुंचाया गया। भारतीय दूतावास ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन में ओमान के अधिकारियों के सहयोग के लिए आभार जताया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, MT Kazimah III कुवैत के झंडे वाला कच्चे तेल का टैंकर है और इसका गंतव्य टोगो का लोमे बंदरगाह था।
फारस की खाड़ी में भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर नजर
फारस की खाड़ी में बढ़ती समुद्री सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत सरकार भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, इस क्षेत्र में अलग-अलग वाणिज्यिक जहाजों पर 4,500 से अधिक भारतीय नाविक काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया था कि भारत के लिए कार्गो ले जाने वाले भारतीय और विदेशी झंडे वाले जहाजों समेत 12 सक्रिय कार्गो जहाजों पर करीब 163 भारतीय नाविक मौजूद हैं। शिपिंग मंत्रालय भारतीय दूतावासों और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर जहाजों की आवाजाही और नाविकों की सुरक्षा की निगरानी कर रहा है।
समुद्री रास्तों पर लगातार सामने आ रही घटनाएं
फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा लाल सागर और काला सागर जैसे प्रमुख समुद्री मार्गों पर भी जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। UKMTO लगातार व्यापारिक जहाजों को सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की सलाह दे रहा है। ओमान के पास हुए ताजा हमले में प्रोजेक्टाइल किसने दागा और उसका उद्देश्य क्या था, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
